जबलपुर। ऑनलाइन जुए और धोखाधड़ी से जुड़े मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सतीश सनपाल और उसकी पत्नी सोनिया के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही निरस्त कर दी है। जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने लॉर्डगंज थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 356/2022 से संबंधित दोनों के खिलाफ कार्यवाही और उससे जुड़ी सभी परिणामी कार्रवाई समाप्त करने का आदेश दिया।
अदालत ने पाया कि इसी मामले में कुल 15 आरोपियों में से 13 को ट्रायल कोर्ट पहले ही बरी कर चुका है। साथ ही शिकायतकर्ता प्रमोद रजक ने ट्रायल के दौरान अभियोजन का समर्थन नहीं किया। बाद में उसने सतीश और सोनिया के साथ स्वेच्छा से समझौता भी कर लिया। हाईकोर्ट के निर्देश पर रजिस्ट्रार (जे-द्वितीय) ने 2 जुलाई 2026 को समझौते का सत्यापन किया और इसे स्वैच्छिक एवं वास्तविक पाया।
मामले में 2022 में आईपीसी की धाराओं 420, 120-बी, 467, 468 तथा जुआ अधिनियम की धारा 4-ए के तहत अपराध दर्ज किया गया था। राज्य ने दोनों पर कथित जुआ कारोबार से जुड़े होने और अन्य आपराधिक मामलों का हवाला देते हुए कार्यवाही जारी रखने का विरोध किया।
हाईकोर्ट ने कहा कि राहत केवल वर्तमान अपराध और इन दोनों आवेदकों तक सीमित है। अदालत ने 13 आरोपियों के बरी होने, शिकायतकर्ता के अभियोजन का समर्थन नहीं करने और सत्यापित समझौते सहित परिस्थितियों को देखते हुए कहा कि कार्यवाही जारी रखना न्यायालय की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।
