इंदौर। शहर में अनलॉक होते ही आपराधिक घटनाओं में इजाफा हो गया है। बदमनाशों के हौसले इतने बुलन्द हो गए हैं कि वे जिला पुलिस अधीक्षक के बंगले के सामने भी लूट करने में ख़ौफ़ नहीं खाते हैं। सबसे सुरक्षित ऑफिसर कॉलोनी रेसीडेंसी इलाके से तहसीलदार का मोबाइल लूटकर दो बाइक सवार बदमाश फरार हो गए। एसपी बंगले के बाहर हुई लूट की इस वारदात के बाद तहसीलदार मोबाइल का खाली बाॅक्स लेकर एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे। पुलिस ने लूट का मामला दर्ज किया है।
घटना शनिवार देर रात करीब दस बजे की है। तहसीलदार चरणजीत सिंह हड्डा निवासी रेडियो कॉलोनी को शनिवार को छतरीपुरा थाना क्षेत्र में हुई गोलीकांड का पंचनामा तैयार करने जाना था। वह एसपी बंगले के बाहर मोबाइल पर बात करते जा रहे थे। इतने में पीछे से काले रंग की बाइक पर दो बदमाश आए और मोबाइल छीन कर भाग निकले। घटना के बाद तहसीलदार संयोगितागंज थाना पहुंचे और अपनी रिपोर्ट दर्ज कराई।
बड़ा सवाल: आम आदमी के मामले में एफआईआर क्यों नहीं
5 जून को सुदामा नगर में प्रशांत पहाड़िया का मोबाइल बाइक सवार बदमाश छीन ले गए । पुलिस ने इस मामले में चोरी का मामला दर्ज किया। 8 जून को नेहरू नगर निवासी हर्ष जाधव का मोबाइल बाइक सवार बदमाश अटल द्वार के पास छीनकर ले गए। पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। आवेदन लेकर वापस भेज दिया। इसके कुछ दिन पहले यहीं से बदमाश एक युवती का मोबाइल छीन ले गए थे। इसमें भी पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। सुदामा नगर में ही पैदल जा रहे नितेश का मोबाइल लूट लिया था। इसमें भी लूट का केस दर्ज नहीं हुआ ।
रिकॉर्ड खराब होने के डर से लूट का केस दर्ज नहीं करते
टीआई लूट का केस दर्ज करने से हमेशा कतराते हैं। पहले तो रिपोर्ट से मना कर दिया जाता है। अगर रिपोर्ट करना भी पड़े तो चोरी में होती है। लूट के अपराध ट्रेस नहीं होने पर टीआई अपना रिकॉर्ड खराब नहीं करना चाहते। ऐसे में इन मामलों की तरफ फिर ध्यान ही नहीं दिया जाता। लूट का केस दर्ज करने पर अपराधी पकड़ने का दबाव रहता है , दबाव से बचने के लिए कलाकारी की जा रही। ऐसा ही चेन लूट की शिकायतों में हो रहा है। पुलिस लूट का केस दर्ज ही नहीं करती ।
