
माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद तथा उनके भाई और पूर्व विधायक अशरफ की शनिवार रात हुई हत्या पर राजनीतिक दलों की मिली-जुली प्रतिक्रिया आयी और राज्य के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाया। वहीं राज्य सरकार के संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने इसे आसमानी फैसला बताया। हत्या पर सपा अध्यक्ष और उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, ‘‘उत्तर प्रदेश में अपराध की पराकाष्ठा हो गयी है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
जब पुलिस के सुरक्षा घेरे के बीच सरेआम गोलीबारी करके किसी की हत्या की जा सकती है तो आम जनता की सुरक्षा का क्या ? इससे जनता के बीच भय का वातावरण बन रहा है। ऐसा लगता है कि कुछ लोग जानबूझकर ऐसा वातावरण बना रहे हैं।’’ राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के अध्यक्ष व सांसद जयंत चौधरी ने भी अतीक और उसके भाई की हत्या की सनसनीखेज घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाया। उन्होंने ट्वीट किया क्या यह लोकतंत्र में संभव है ? उन्होंने हैशटैग जंगलराज लगाया। चौधरी ने एक वीडियो भी साझा किया जिसमें अतीक और अशरफ की हत्या का दृश्य है।
आसमानी फैसला
वहीं दूसरी तरफ उप्र सरकार के संसदीय कार्य व वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पत्रकारों से कहा देखिए, जब जुल्म की इंतिहा होती है या जब अपराध की पराकाष्ठा होती है तो कुछ फैसले आसमान से होते हैं। ....और मैं समझता हूं कि यह कुदरत का फैसला है और इसमें कुछ कहने की आवश्यकता ही नहीं है। बाकी तो जब पूरी परिस्थिति सामने आएगी, तब हम कहेंगे।
मायावती ने यह कहा
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने प्रयागराज में माफिया व पूर्व सांसद अतीक अहमद और उसके भाई पूर्व विधायक अशरफ की हत्या पर रविवार को तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना प्रदेश सरकार की कानून-व्यवस्था पर अनेक गम्भीर प्रश्नचिन्ह खड़े करती है तथा यह सोचने की बात है कि राज्य का ‘एनकाउंटर प्रदेश’ बन जाना कितना उचित है? उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मामले में देश की शीर्ष अदालत से उचित कार्रवाई की मांग की है।
Tags
Akhilesh Yadav
BJP
BSP
CM YOGI
Country
Mayawati
MURDER
Prayagraj
Samajwadi Party
State News
Top
Uttar Pradesh