बच्चों को सिखाए जा रहे योग के गुर - Khabri Guru

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बच्चों को सिखाए जा रहे योग के गुर

जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के योग विभाग के एम.ए. तृतीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं द्वारा समाज सेवा की भावना के तहत राजकुमारी बाई बाल निकेतन अनाथालय के बच्चों के लिए निःशुल्क दस दिवसीय योग शिविर का शुभारंभ किया गया। इस शिविर का उद्देश्य अनाथालय में रहने वाले बच्चों को योग के माध्यम से शारीरिक, मानसिक और आत्मिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे स्वस्थ जीवन शैली को अपनाते हुए सकारात्मक सोच विकसित कर सकें।


कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला आयुष अधिकारी डॉ. सुरत्ना सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि जीवन जीने की कला है। योग से बच्चों में एकाग्रता बढ़ती है, तनाव कम होता है और आत्मविश्वास का विकास होता है। उन्होंने कहा कि कम उम्र से ही यदि बच्चों को योग से जोड़ा जाए तो वे भविष्य में शारीरिक बीमारियों और मानसिक समस्याओं से काफी हद तक सुरक्षित रह सकते हैं।

विशिष्ट अतिथि बाल निकेतन के अध्यक्ष एडवोकेट मदन मोहन नेमा एवं सचिव श्याम सुंदर माहेश्वरी ने विश्वविद्यालय के छात्रों की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के वंचित वर्ग के बच्चों को इस तरह के अवसर मिलना बेहद जरूरी है, जिससे उनमें भी आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की भावना पैदा हो सके।

इस अवसर पर रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के योग विभाग के शिक्षक डॉ. राकेश गोस्वामी, डॉ. रीना मिश्रा, डॉ. वंदना यादव और डॉ. वर्षा अवस्थी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि शिविर के दौरान बच्चों को सूर्य नमस्कार, प्राणायाम, ध्यान, आसन और सरल योग क्रियाओं का अभ्यास कराया जाएगा, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और मानसिक संतुलन बेहतर होगा।

योग शिविर का संचालन सुनीता सोनी, येशा शाह, ममता सैयाम, कृष्णपाल संयाल, रश्मि मरकाम एवं राजकुमारी परस्ते द्वारा किया जा रहा है। यह शिविर प्रतिदिन निर्धारित समय पर आयोजित होगा, जिसमें बच्चों को खेल-खेल में योग सिखाया जाएगा ताकि वे इसे बोझ नहीं बल्कि आनंद के रूप में अपनाएं। शिविर का समापन 13 फरवरी को होगा, जिसमें बच्चों द्वारा योग प्रदर्शन भी किया जाएगा।

उद्घाटन समारोह में सुनीता सोनी के मार्गदर्शन में बच्चों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया, वहीं बाल निकेतन के बच्चों ने मधुर गीत प्रस्तुत कर माहौल को उल्लासपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम का संचालन सुनीता सोनी और येशा शाह ने किया तथा आभार प्रदर्शन कृष्णपाल सैयाम ने किया।

इस दस दिवसीय योग शिविर के माध्यम से न केवल बच्चों को स्वस्थ रहने की प्रेरणा मिल रही है, बल्कि विश्वविद्यालय के छात्रों को भी समाज सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो रहा है, जो उनके व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।

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