जबलपुर। शहर में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने नगर निगम के एक बाबू को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई नगर निगम मुख्यालय के सामने की गई, जिससे कार्यालय परिसर में हड़कंप की स्थिति बन गई।
जानकारी के अनुसार, नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ कर्मचारी पी. रामाराव ने अपनी चिकित्सा अवकाश (मेडिकल लीव) स्वीकृत कराने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। आरोप है कि इसी आवेदन को आगे बढ़ाने और अवकाश स्वीकृत करने के एवज में बाबू राकेश शर्मा ने 3 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत के बाद रचा गया जाल
रिश्वत की मांग से परेशान कर्मचारी ने इसकी शिकायत सीधे ईओडब्ल्यू कार्यालय में दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद प्रकोष्ठ ने प्राथमिक जांच और तथ्यों का सत्यापन किया। शिकायत सही पाए जाने पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की तैयारी की।
निर्धारित योजना के तहत पीड़ित कर्मचारी को चिह्नित (ट्रैप) राशि देकर आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही आरोपी बाबू ने 3 हजार रुपये स्वीकार किए, पहले से मौजूद ईओडब्ल्यू टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान कार्यालय परिसर में मौजूद कर्मचारियों और आमजन के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
ईओडब्ल्यू अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपी पूर्व में भी इसी प्रकार से अन्य कर्मचारियों या आम नागरिकों से सुविधा शुल्क की मांग करता रहा है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती का संदेश
इस कार्रवाई को नगर निगम कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। ईओडब्ल्यू अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी शासकीय कार्यालय में रिश्वत की मांग की जाती है तो नागरिक तत्काल शिकायत करें, ताकि दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
