जबलपुर। शनिवार शाम बरेला थाना क्षेत्र में हुआ एक भीषण सड़क हादसा हर किसी को झकझोर गया। शारदा मंदिर के समीप तेज रफ्तार डंपर और कार की आमने-सामने हुई जबरदस्त टक्कर के बाद कार में आग भड़क उठी। देखते ही देखते कार आग का गोला बन गई और उसमें सवार दो युवक बाहर निकलने का मौका भी नहीं पा सके। दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी भीषण थी कि कार डंपर के अगले हिस्से में फंस गई और काफी दूर तक घिसटती चली गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि डंपर चालक कार को कुछ दूरी तक घसीटता रहा। इसी दौरान कार की एक अन्य वाहन से भी टक्कर हुई, जिसके बाद उसमें अचानक आग लग गई। कुछ ही पलों में लपटों ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया।
हादसा होते ही आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि कोई भी कार के करीब नहीं पहुंच सका। लोगों ने अपने स्तर पर बचाव का प्रयास किया, मगर तेज लपटों के सामने सभी प्रयास बेबस साबित हुए। देखते ही देखते दोनों युवक कार के भीतर ही जिंदा जल गए।
सूचना मिलते ही बरेला थाना पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। जब कार का दरवाजा खोला गया तो भीतर दो बुरी तरह झुलसे शव मिले। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि मृतकों की पहचान परवीन शर्मा निवासी गांव बोंड कलां, जिला भिवानी (हरियाणा) तथा मोनू शर्मा निवासी गांव खेड़ी बूरा, जिला भिवानी (हरियाणा) के रूप में हुई है। दोनों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।
दुर्घटना के कारण कुछ समय तक मार्ग पर यातायात बाधित रहा, जिसे बाद में पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर सुचारु कराया। पुलिस ने डंपर को जब्त कर चालक के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए उसकी तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का कारण माना जा रहा है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
यह हृदयविदारक हादसा एक बार फिर भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर गया है। स्थानीय लोगों ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में गति नियंत्रण, सख्त निगरानी और प्रभावी यातायात प्रबंधन की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा असहनीय दर्द न झेलना पड़े।
यह हृदयविदारक हादसा एक बार फिर भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर गया है। स्थानीय लोगों ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में गति नियंत्रण, सख्त निगरानी और प्रभावी यातायात प्रबंधन की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा असहनीय दर्द न झेलना पड़े।


