कांवड़ियों के कंधों पर नर्मदा जल से भरी कांवड़ और जुबां पर भगवान शिव के जयकारे दिखाई दिए। जगह-जगह श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया और पुष्पवर्षा कर कांवड़ियों का उत्साह बढ़ाया गया। 33 किलोमीटर के पूरे मार्ग पर भक्ति और सेवा का ऐसा संगम दिखाई दे रहा है, जिसने संस्कारधानी को मानो शिवमय कर दिया है।
फूलों की बारिश और सेवा के लिए उमड़ा शहर
संस्कार कांवड़ यात्रा के स्वागत के लिए शहर में व्यापक तैयारियां की गई हैं। 300 से अधिक सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने यात्रा मार्ग पर भव्य स्वागत पंडाल लगाए हैं। इन पंडालों में कांवड़ियों के लिए जलपान और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। जगह-जगह कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की जा रही है।
यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। उम्र की सीमाएं मानो आस्था के आगे छोटी पड़ गई हैं। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी शिवभक्ति में डूबे नजर आ रहे हैं।
नेताओं ने भी बढ़ाया श्रद्धालुओं का उत्साह
संस्कार कांवड़ यात्रा में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने भी सहभागिता की। मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने यात्रा में शामिल होकर श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया।
वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दोपहर में जबलपुर पहुंचने का कार्यक्रम है। वे लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के साथ रांझी के व्हीकल मोड़ से दर्शन चौक तक कांवड़ियों के साथ पैदल चलकर यात्रा में सहभागिता करेंगे।
एक लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं को देखते हुए चाक-चौबंद सुरक्षा
यात्रा में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। 24 से अधिक थानों का पुलिस बल पूरे यात्रा मार्ग पर तैनात किया गया है। पुलिस की टीमें भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए भी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। कैलाशधाम मंदिर परिसर में भी पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं के जलाभिषेक की प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
स्कूलों में अवकाश, यातायात के लिए रूट डायवर्जन
कांवड़ यात्रा के चलते शहर में यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रशासन ने विशेष रूट डायवर्जन लागू किया है। वहीं भारी भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए शहर के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
प्रशासन का उद्देश्य है कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही के साथ आम नागरिकों को भी यथासंभव परेशानी न हो और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
