TET निरस्त करो, पुरानी पेंशन बहाल करो: बरेला में कर्मचारी संघ ने भरी हुंकार
बरेला (जबलपुर)। मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ तहसील शाखा बरेला ने कर्मचारियों एवं शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद की है। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने तहसील कार्यालय बरेला पहुंचकर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए शासन से समस्याओं के जल्द निराकरण की मांग की।
प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम संबोधित ज्ञापन में कर्मचारी संघ ने तीन प्रमुख मांगों को प्राथमिकता से रखा है। पदाधिकारियों ने शासन का ध्यान कर्मचारियों और शिक्षकों की समस्याओं की ओर आकर्षित करते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
पहली मांग: अनुचित शर्तों वाली TET परीक्षा निरस्त हो
कर्मचारी संघ ने शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए अनुचित शर्तों वाली TET परीक्षा को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है।
संघ का कहना है कि शिक्षकों के हितों को देखते हुए परीक्षा से जुड़ी अनुचित शर्तों पर शासन को तत्काल निर्णय लेना चाहिए।
दूसरी मांग: कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल हो
कर्मचारियों ने अपने सुरक्षित भविष्य और सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पुनः लागू करने की मांग उठाई।
संघ ने पुरानी पेंशन व्यवस्था को कर्मचारियों के भविष्य और सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक-सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
तीसरी मांग: ई-अटेंडेंस व्यवस्था में हो व्यावहारिक सुधार
कर्मचारी संघ ने वर्तमान ई-अटेंडेंस प्रणाली में आ रही तकनीकी एवं व्यावहारिक समस्याओं को दूर करने की मांग की है।
ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि व्यवस्था को कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए व्यावहारिक बनाते हुए इसमें आवश्यक सुधार किए जाएं।
- TET परीक्षा की अनुचित शर्तों को देखते हुए इसे निरस्त किया जाए।
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) पुनः लागू की जाए।
- ई-अटेंडेंस प्रणाली की तकनीकी एवं व्यावहारिक समस्याएं दूर की जाएं।
बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपते समय मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ तहसील शाखा अध्यक्ष रजनीश कुमार पाण्डेय, सचिव शुभसंदेश सिंगोर, ब्लॉक अध्यक्ष रामदास वरकडे, सचिव निर्मल लोधी, शहजाद द्विवेदी, दालचन्द पासी, मुकेश मेहरा, मनोज सिंह, सुनीता घनघोरिया, प्रतिभा मार्को, अनीता कुरील, रेखा नवेरिया, सुनीता झरिया, मंजू आर्या, संगीता कश्यप, लक्ष्मी सिंह, रचना शुक्ला, अंशुल साहू, अखिल खरे, शेर सिंह, अजय दुबे, सतीश उपाध्याय, प्रमोद विश्वकर्मा, सुरेंद्र चौबे, बृजेश दीक्षित, बालकृष्ण झरिया, संतोष चौरसिया, जयप्रकाश गुप्ता, खुशी लाल झरिया, आई.डी. पढ़रहा, किशोर दुबे, मिलन परस्ते और सुरेन्द्र तिवारी उपस्थित रहे।
इनके अलावा सम्मत सिंह, देवी सिंह ठाकुर, नरेन्द्र यादव, शिवराम झरिया, रेवा प्रसाद चौबे, राजेंद्र भवेदी, जनक झरिया, प्रदीप मिश्रा, पारस सिंह धुर्वे, गणेश सिंगरौल, संतलाल कुर्वेती, नितिन पांडे, कृष्ण कुमार मरावी, रोहित सेन, मोहन सिंह अहके, संतोष बलवंशी, राममिलन बड़कड़े और राकेश बहेकर सहित अनेक पदाधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
मांगें नहीं मानीं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने पहुंचे कर्मचारियों और शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि शासन को उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
