जबलपुर रेल मंडल में अचानक तीन बार गूंजा खतरे का सायरन, मचा हड़कंप; ART की ओर दौड़े रेलवे अधिकारी-कर्मचारी
सायरन की आवाज गूंजते ही रेलवे स्टाफ और अधिकारी अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों को संभालते हुए एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (ART) और संबंधित विभागों की ओर रवाना हो गए।
अचानक सायरन बजने से शुरुआती तौर पर लोगों को किसी बड़े रेल हादसे की आशंका हुई। स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में घटना को लेकर हलचल बढ़ गई। हालांकि, वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
NTPC गाडरवारा साइडिंग से जुड़ा मामला
आपातकालीन सायरन बजने और पूरे घटनाक्रम को लेकर पश्चिम मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. मधुर वर्मा ने स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने बताया कि घटना मुख्य रेल लाइन पर नहीं, बल्कि गाडरवारा के समीप नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC) की प्राइवेट साइडिंग में हुई है।
रेलवे प्रशासन ने एहतियात और निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को सक्रिय किया। इसी के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट करने के लिए खतरे का सायरन बजाया गया।
मेन लाइन सुरक्षित, यात्री ट्रेनों पर कोई असर नहीं
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि NTPC साइडिंग की घटना का मुख्य रेल यातायात पर कोई असर नहीं पड़ा है।
मेन लाइन पूरी तरह सुरक्षित और सामान्य रूप से संचालित होने की जानकारी दी गई है। इससे मुख्य रेल मार्ग पर किसी बड़े हादसे अथवा यात्री ट्रेनों के लिए खतरे की आशंका को खारिज किया गया है।
सायरन सुनते ही क्यों दौड़ पड़ता है रेलवे अमला?
कुछ देर की दहशत के बाद स्थिति हुई साफ
अचानक खतरे का सायरन सुनकर लोगों में रेल दुर्घटना की आशंका जरूर पैदा हुई, लेकिन रेलवे की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद राहत मिली। घटना NTPC गाडरवारा की प्राइवेट साइडिंग से संबंधित बताई गई है, जबकि मुख्य रेल लाइन और यात्री ट्रेन संचालन सामान्य बताया गया है।
