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एक मठ के पते पर बन गए 40 भारतीय पासपोर्ट! फर्जी पासपोर्ट रैकेट की जांच में STF के सामने चौंकाने वाले सुराग


एक मठ के पते पर बन गए 40 भारतीय पासपोर्ट! फर्जी पासपोर्ट रैकेट की जांच में STF के सामने चौंकाने वाले सुराग

करीब 70 पासपोर्ट धारकों की पहचान और दस्तावेजों की जांच, पुलिस वेरिफिकेशन भी घेरे में; विदेश यात्राओं के रिकॉर्ड ने बढ़ाई मामले की गंभीरता

भोपाल। सामने आए संदिग्ध फर्जी पासपोर्ट रैकेट की जांच अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गई है। मध्यप्रदेश एसटीएफ को जांच के दौरान पता चला है कि अन्ना नगर स्थित एक मठ के पते का इस्तेमाल कर करीब 40 लोगों ने भारतीय पासपोर्ट हासिल किए।


अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी संख्या में पासपोर्ट एक ही पते पर कैसे जारी हो गए और इसके लिए पुलिस वेरिफिकेशन किस आधार पर किया गया।

40
एक पते से जुड़े पासपोर्ट
70
पासपोर्ट धारकों की जांच
2021-22
बड़ी संख्या में पासपोर्ट जारी
2
आरोपी अब तक गिरफ्तार

करीब 70 पासपोर्ट धारकों के दस्तावेज खंगाल रही STF

एसटीएफ करीब 70 पासपोर्ट धारकों की पहचान, दस्तावेज और वेरिफिकेशन प्रक्रिया की जांच कर रही है। इनमें बड़ी संख्या में पासपोर्ट वर्ष 2021-22 में जारी किए गए बताए जा रहे हैं।

टीम अब पासपोर्ट धारकों के वास्तविक पते, पहचान और आवेदन में लगाए गए दस्तावेजों का मिलान कर रही है। इसके लिए मध्यप्रदेश के अलावा असम और अन्य स्थानों पर भी जांच टीमें भेजी गई हैं।

पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया जांच के घेरे में

मामले में सबसे बड़ा सवाल पुलिस के फील्ड वेरिफिकेशन को लेकर खड़ा हुआ है। एसटीएफ यह जांच कर रही है कि पासपोर्ट आवेदकों के पते और पहचान का सत्यापन किस आधार पर किया गया।

जांच का अहम सवाल
क्या संबंधित पुलिसकर्मी वास्तव में आवेदकों के बताए गए पते पर सत्यापन के लिए पहुंचे थे या केवल दस्तावेजों के आधार पर ही प्रक्रिया पूरी कर दी गई?

साथ ही फर्जी पते और पहचान से जुड़े दस्तावेज तैयार कराने में नगर निकाय अथवा अन्य सरकारी कर्मचारियों की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है।

विदेश यात्रा के रिकॉर्ड ने बढ़ाई जांच की गंभीरता

मामले की गंभीरता इसलिए और बढ़ गई है क्योंकि कुछ संदिग्ध पासपोर्ट धारकों के विदेश यात्रा करने के रिकॉर्ड भी मिलने की बात सामने आई है।

जांच में सामने आए विदेशी ट्रैवल ट्रेल
कंबोडिया
स्पेन
थाईलैंड
इंडोनेशिया

एसटीएफ अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन पासपोर्ट का इस्तेमाल केवल भारतीय पहचान और दस्तावेज हासिल करने के लिए किया गया था या इसके पीछे विदेश यात्रा से जुड़ा कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय था।

फर्जी दस्तावेज से भारतीय पहचान तैयार करने की जांच

एसटीएफ ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय पता और पहचान तैयार कर पासपोर्ट बनवाने वाले कथित नेटवर्क के खिलाफ पहले ही मामला दर्ज किया है।

जांच इन सवालों पर केंद्रित
  • एक ही पते से इतने पासपोर्ट कैसे जारी हुए?
  • आवेदकों की वास्तविक पहचान और पता क्या है?
  • पुलिस फील्ड वेरिफिकेशन कैसे पूरा हुआ?
  • फर्जी दस्तावेज किसने तैयार कराए?
  • क्या किसी सरकारी कर्मचारी की भूमिका रही?
  • विदेश यात्राओं और पासपोर्ट नेटवर्क के बीच क्या संबंध है?

दो आरोपी गिरफ्तार, जांच का दायरा बढ़ा

मामले में अब तक दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है और बड़ी संख्या में संदिग्ध पासपोर्ट धारकों तथा उनसे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

जांच आगे बढ़ने पर इस कथित नेटवर्क से जुड़े और लोगों के खिलाफ कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है। करीब 100 लोगों तक गिरफ्तारी की संभावना की बात सामने आई है, हालांकि वास्तविक संख्या जांच और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।

एक पता, दर्जनों पासपोर्ट और कई अनसुलझे सवाल

एसटीएफ की जांच अब केवल संदिग्ध पासपोर्ट धारकों तक सीमित नहीं है। पुलिस वेरिफिकेशन, पते और पहचान से जुड़े दस्तावेज, सरकारी स्तर पर हुई सत्यापन प्रक्रिया और विदेश यात्राओं के रिकॉर्ड की कड़ियां भी जोड़ी जा रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह मामला दस्तावेजों की गड़बड़ी तक सीमित था या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।

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