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60 घंटे के लॉकडाउन से पहले शहर में जाम, मुख्य बाजारों के आसपास की गलियों से निकलना हुआ मुश्किल



जबलपुर। शहर में 60 घंटे का लॉकडाउन आज शुक्रवार की शाम से शुरू हो गया। जैसे-जैसे शाम होने का समय नजदीक आ रहा था वैसे-वैसे लोगों को घर जाने की जल्दी भी दिखने लगी थी। दोपहर बाद से ही यह हालात हो गए कि शहर के व्यस्ततम और सघन बाजारों में ट्रैफिक धीरे-धीरे रेंगने लगा। इन बाजारों की मुख्य सड़कों के अलावा आसपास की गलियों भी जाम के नजारे दिखने लगे।

कोरोना की चैन तोड़ने के लिए प्रदेश शासन ने जबलपुर में 60 घन्टे का लाॅकडाउन घोषित किया है। सरकार के इस फैसले की जानकारी लोगों को एक दिन पहले ही विभिन्न माध्यमों से मिल गई थी। सुबह के अखबारों इस खबर की पुष्टि भी हो गई। हर किसी को इस बात का भय सता रहा था कि कहीं पिछली बार की तरह लाॅकडाउन की अवधि को बढ़ा न दिया जाए। भयमिश्रित विचारों में फंसे लोग शुक्रवार की सुबह से बाजार में अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप खरीददारी करने पहुंच गए थे। नतीजा यह हुआ कि बड़ा फुहारा, निवाड़गंज, अंधेरदेव, सराफा व गंजीपुरा मार्ग पर दोपहर से ही जाम के नजारे दिखने लगे। पहले से ही कोरोना के भयग्रस्त लोगों की मुसीबत ट्रैफिक जाम ने और बढ़ा दी। बाजारा पहुंचे हर किसी व्यक्ति को 6 बजे से पहले घर पहुंचने की जल्दबाजी में जगह-जगह गाड़ियां फंस गईं। हालांकि पुलिस ने इसके लिए पहले से पुख्ता इंतजाम नहीं किए थे जिसकी वजह से हालात बिगड़ गए थे। बाद में खबर मिलने पर विभिन्न प्वाइंट पर पुलिसकर्मियों को खड़ा किया गया। उनके तमाम प्रयासों के बाद भी हालात में खास सुधार नहीं हो पाया। शहर के मुख्य बाजारों में ट्रैफिक जाम की समस्या के लिए काफी हद तक यातायात पुलिस विभाग भी रहा जो इस स्थिति का पूर्वानुमान नहीं लगा पाया और सामान्य दिनों से ज्यादा भीड़ होने के बाद भी तीन और चार पहिया वाहन बड़ी संख्या में सड़कों पर जाम को बढ़ाते रहे।
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