जबलपुर। नर्मदा नदी के ऊपरी कैचमेंट क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब बरगी बांध पर भी साफ दिखाई देने लगा है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही जल आवक के कारण बरगी बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रविवार को बांध का जलस्तर 413.75 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए बांध प्रशासन ने निगरानी और जल प्रबंधन की व्यवस्था और अधिक सख्त कर दी है। अधिकारी हर घंटे जल आवक, जलस्तर और मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते आवश्यक निर्णय लिए जा सकें।
बांध प्रशासन के अनुसार नर्मदा के ऊपरी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण आने वाले दिनों में भी जल आवक बनी रहने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए जल प्रबंधन की रणनीति के तहत सिंचाई के लिए बरगी बांध की दाईं तट नहर से 15 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है।
नहर में सुचारु रूप से बह रहा पानी
अधिकारियों ने बताया कि दाईं तट नहर के प्रारंभिक हिस्से से लेकर 6.94 किलोमीटर तक पानी का प्रवाह पूरी तरह सामान्य और सुचारु है। नहर में कहीं भी रुकावट या तकनीकी समस्या नहीं है। सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार नहर की निगरानी कर रहे हैं ताकि पानी बिना किसी बाधा के अंतिम छोर तक पहुंच सके। आवश्यकता पड़ने पर नहर की सफाई और रखरखाव का कार्य भी तत्काल किया जाएगा।
जबलपुर, पनागर और सिहोरा के किसानों को राहत
दाईं तट नहर से छोड़े गए पानी का सबसे अधिक लाभ जबलपुर, पनागर और सिहोरा क्षेत्र के किसानों को मिलेगा। इन क्षेत्रों में खरीफ सीजन की फसलें, विशेषकर धान, मक्का, सोयाबीन और अन्य फसलें इस समय सिंचाई पर निर्भर हैं। समय पर पानी मिलने से फसलों की बढ़वार बेहतर होगी और किसानों को पर्याप्त नमी उपलब्ध हो सकेगी।
किसानों का कहना है कि इस समय सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। नहरों में पानी पहुंचने से डीजल या बिजली से चलने वाले पंपों पर निर्भरता भी कम होगी, जिससे खेती की लागत में कमी आएगी।
जलस्तर पर प्रशासन की लगातार नजर
बरगी बांध प्रबंधन ने बताया कि जलाशय के जलस्तर की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। मौसम विभाग से लगातार जानकारी ली जा रही है और कैचमेंट क्षेत्र में हो रही बारिश के अनुसार जल प्रबंधन की रणनीति तैयार की जा रही है। यदि जल आवक में और बढ़ोतरी होती है तो परिस्थितियों के अनुसार आगे के निर्णय लिए जाएंगे।
जल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था को प्राथमिकता
अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में जलाशय में उपलब्ध पानी का उपयोग सिंचाई, पेयजल और अन्य आवश्यक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए संतुलित तरीके से किया जा रहा है। बारिश के मौसम में जल भंडारण और नियंत्रित जल निकासी दोनों ही महत्वपूर्ण हैं, इसलिए हर निर्णय तकनीकी मानकों और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है।
बरगी बांध से छोड़ा जा रहा पानी किसानों के लिए राहत की खबर है। इससे न केवल खरीफ फसलों को पर्याप्त सिंचाई मिलेगी, बल्कि क्षेत्र की कृषि गतिविधियों को भी गति मिलेगी। प्रशासन ने किसानों से नहरों के आसपास सतर्कता बरतने और सिंचाई विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
