पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिस स्थान पर यह घटना हुई वह अत्यंत सार्वजनिक और संवेदनशील क्षेत्र है। आसपास क्लीनिक, स्कूल और मुख्य सड़क होने के कारण यहां दिनभर आम नागरिकों की आवाजाही रहती है। ऐसे में खुलेआम हथियार लहराना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है।
आरोपी के नाम नहीं है लायसेंस
वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी राजा सोनकर के नाम किसी भी प्रकार का वैध हथियार लाइसेंस दर्ज नहीं है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 के तहत मामला दर्ज कर लिया।
राजनीतिक रैली के दौरान हुई घटना
गौरतलब है कि यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब मंगलवार को शहर में कानून व्यवस्था को लेकर विधायक लखन गिनोरिया के नेतृत्व में एक रैली निकाली गई थी। रैली के दौरान पूर्व मंत्री अंचल सोनकर के निवास की बालकनी में खड़े उनके बेटे राजा सोनकर को हवा में पिस्तौल लहराते हुए देखा गया। वीडियो में यह भी नजर आया कि उसके पास खड़ी एक महिला भी लोगों को चप्पल दिखाकर उकसा रही थी। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद आम नागरिकों में रोष फैल गया और पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया।
पुलिस की सख्त चेतावनी
बेलबाग थाना प्रभारी ने बताया कि सोशल मीडिया पर इस तरह हथियारों का प्रदर्शन करना गंभीर अपराध है और किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी के पास मौजूद हथियार असली था या नकली, और यह कहां से प्राप्त किया गया।
