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जबलपुर। सनातन संस्कृति और भारतीय परंपराओं के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से इस्कॉन मंदिर में नवंबर, दिसंबर और जनवरी माह के दौरान जिले के लगभग 65 स्कूलों के विद्यार्थियों के बीच भगवत गीता पर आधारित प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने गीता के श्लोकों, उनके अर्थ और जीवन में उपयोगिता से संबंधित विषयों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में ब्रिटिश फोर्ड फाउंडेशन स्कूल की छात्रा मैथिली पटेल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माध्यमिक शिक्षा मंडल के उपाध्यक्ष श्रीनिवास राव रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी उपस्थित रहे। इस अवसर पर इस्कॉन संस्था के स्वामी श्रीनिवास अच्युत दास भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
ब्रिटिश फोर्ड फाउंडेशन स्कूल के डायरेक्टर, अंतरराष्ट्रीय लेखक एवं प्रेरक वक्ता डॉ. अनुराग सोनी ने मैथिली पटेल की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सफलता न केवल विद्यालय के लिए गर्व की बात है, बल्कि अन्य विद्यार्थियों को भी सनातन संस्कृति और धार्मिक मूल्यों से जुड़ने की प्रेरणा देगी।
कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवत गीता जैसे महान ग्रंथों का अध्ययन बच्चों के चरित्र निर्माण, अनुशासन और सकारात्मक सोच के लिए अत्यंत आवश्यक है। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन कर विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति से जोड़े रखने का प्रयास जारी रहेगा।
इस आयोजन से जबलपुर के शैक्षणिक वातावरण में धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा मिली है।
प्रतियोगिता में ब्रिटिश फोर्ड फाउंडेशन स्कूल की छात्रा मैथिली पटेल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माध्यमिक शिक्षा मंडल के उपाध्यक्ष श्रीनिवास राव रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी उपस्थित रहे। इस अवसर पर इस्कॉन संस्था के स्वामी श्रीनिवास अच्युत दास भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
ब्रिटिश फोर्ड फाउंडेशन स्कूल के डायरेक्टर, अंतरराष्ट्रीय लेखक एवं प्रेरक वक्ता डॉ. अनुराग सोनी ने मैथिली पटेल की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सफलता न केवल विद्यालय के लिए गर्व की बात है, बल्कि अन्य विद्यार्थियों को भी सनातन संस्कृति और धार्मिक मूल्यों से जुड़ने की प्रेरणा देगी।
कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवत गीता जैसे महान ग्रंथों का अध्ययन बच्चों के चरित्र निर्माण, अनुशासन और सकारात्मक सोच के लिए अत्यंत आवश्यक है। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन कर विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति से जोड़े रखने का प्रयास जारी रहेगा।
इस आयोजन से जबलपुर के शैक्षणिक वातावरण में धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा मिली है।
