खबरी गुरु न्यूज
जबलपुर। शहर में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने मिलावट और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 13 खाद्य प्रतिष्ठानों पर कुल 4 लाख 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई न्याय निर्णायक अधिकारी के समक्ष दर्ज प्रकरणों की सुनवाई के बाद की गई, जिसमें अपर कलेक्टर अभिषेक गहलोत ने दंडादेश जारी किया।
जांच में नर्मदा रोड स्थित हीरा स्वीट्स को बिना खाद्य लाइसेंस के संचालन और मिथ्याछाप बूंदी लड्डू बेचने का दोषी पाया गया। इस पर एक लाख रुपये का सबसे बड़ा जुर्माना लगाया गया। वहीं साउथ सिविल लाइन की दीपक डेयरी और नर्मदा रोड की श्री डेयरी पर अमानक पनीर बेचने के कारण 50-50 हजार रुपये का दंड अधिरोपित किया गया।
रांझी क्षेत्र के अलका भंडार पर मिथ्याछाप मलाई बर्फी के लिए 50 हजार रुपये का जुर्माना लगा, जबकि साकेतनगर स्थित स्नैक्स अटैक को बिना खाद्य पंजीयन के कारोबार करने पर 15 हजार रुपये चुकाने होंगे। इसके अलावा मझौली के सुनील कुमार जैन गोदाम पर 30 हजार, हॉट एन चीप रेस्टोरेंट पर 15 हजार, श्री गणेश अनाज भंडार पर 25 हजार, सिंघई इंटरप्राइजेस पर 20 हजार और आदेश आइसक्रीम पर 10 हजार रुपये का दंड लगाया गया।
अन्य मामलों में राम अनाज भंडार पर 20 हजार रुपये, बहरानी फार्मा, अशोक गुप्ता सब्जी विक्रेता और पारस किराना पर 10-10 हजार रुपये तथा लक्ष्य अग्रवाल और सुप्रीम प्लास्टिक पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना तय किया गया है।
प्रशासन ने सभी दोषी प्रतिष्ठानों को एक माह के भीतर राशि जमा करने का निर्देश दिया है। निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर संबंधित दुकानों का खाद्य पंजीयन या लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। यह कार्रवाई उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
जांच में नर्मदा रोड स्थित हीरा स्वीट्स को बिना खाद्य लाइसेंस के संचालन और मिथ्याछाप बूंदी लड्डू बेचने का दोषी पाया गया। इस पर एक लाख रुपये का सबसे बड़ा जुर्माना लगाया गया। वहीं साउथ सिविल लाइन की दीपक डेयरी और नर्मदा रोड की श्री डेयरी पर अमानक पनीर बेचने के कारण 50-50 हजार रुपये का दंड अधिरोपित किया गया।
रांझी क्षेत्र के अलका भंडार पर मिथ्याछाप मलाई बर्फी के लिए 50 हजार रुपये का जुर्माना लगा, जबकि साकेतनगर स्थित स्नैक्स अटैक को बिना खाद्य पंजीयन के कारोबार करने पर 15 हजार रुपये चुकाने होंगे। इसके अलावा मझौली के सुनील कुमार जैन गोदाम पर 30 हजार, हॉट एन चीप रेस्टोरेंट पर 15 हजार, श्री गणेश अनाज भंडार पर 25 हजार, सिंघई इंटरप्राइजेस पर 20 हजार और आदेश आइसक्रीम पर 10 हजार रुपये का दंड लगाया गया।
अन्य मामलों में राम अनाज भंडार पर 20 हजार रुपये, बहरानी फार्मा, अशोक गुप्ता सब्जी विक्रेता और पारस किराना पर 10-10 हजार रुपये तथा लक्ष्य अग्रवाल और सुप्रीम प्लास्टिक पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना तय किया गया है।
प्रशासन ने सभी दोषी प्रतिष्ठानों को एक माह के भीतर राशि जमा करने का निर्देश दिया है। निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर संबंधित दुकानों का खाद्य पंजीयन या लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। यह कार्रवाई उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
