खबरी गुरु न्यूज
जबलपुर। जिले के प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्र भेड़ाघाट में दूषित मिठाई खाने से 19 लोगों के बीमार होने का मामला सामने आया है। इस घटना में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी शामिल हैं। अचानक बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने से इलाके में हड़कंप मच गया। पीड़ितों में से दो लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार यह मामला त्रिपुर सुंदरी मंदिर में आयोजित सुहागले पूजन और भंडारे से जुड़ा हुआ है। यहां प्रसाद के रूप में जो मिठाई वितरित की गई थी, वह भेड़ाघाट चौक स्थित राजस्थान मिष्ठान भंडार से खरीदी गई थी। बताया जा रहा है कि कुल करीब 34 किलो मिठाई ली गई थी, जिसे श्रद्धालुओं में बांटा गया। मिठाई खाने के कुछ घंटों बाद ही लोगों को उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बुखार की शिकायत शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात के समय कई परिवारों की हालत एक साथ बिगड़ने लगी। कुछ लोगों को हल्का बुखार महसूस हुआ, लेकिन सुबह होते-होते लगातार लूज मोशन और उल्टियों ने स्थिति को गंभीर बना दिया। एक पीड़ित महिला ने बताया कि उसके पति की हालत इतनी खराब हो गई कि वे कमजोरी के कारण बेहोश होकर गिर पड़े और फिलहाल कोमा की स्थिति में हैं, जिन्हें एंबुलेंस से नागपुर रेफर किया गया है।
बीमार लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ मरीजों को जबलपुर जिला अस्पताल में इलाज दिया जा रहा है, जबकि कुछ को नरसिंहपुर जिले के गोतेगांव अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा चार मरीज विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें दो महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार इनकी हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन निगरानी में रखा गया है।
घटना की सूचना मिलते ही खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम सक्रिय हो गई। विभाग ने मिठाई दुकान और भंडारे में इस्तेमाल किए गए खाद्य पदार्थों के सैंपल जब्त कर लिए हैं। सभी नमूनों को जांच के लिए भोपाल स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित दुकान संचालक और आयोजकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला गंभीर फूड पॉइजनिंग का प्रतीत हो रहा है। आशंका है कि मिठाई या तो खराब थी या उसमें मिलावट की गई थी, जिससे इतनी बड़ी संख्या में लोग एक साथ बीमार पड़े। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दूषित पदार्थ किस स्तर पर और कैसे लोगों तक पहुंचा।
इस घटना के बाद भेड़ाघाट और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। लोग मांग कर रहे हैं कि मिठाई और खाद्य सामग्री बेचने वाली दुकानों पर नियमित जांच हो और बिना गुणवत्ता परीक्षण के प्रसाद या भंडारे के लिए खाद्य सामग्री न दी जाए। श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक आयोजनों में इस तरह की लापरवाही सीधे लोगों की जान से खिलवाड़ है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
