कांग्रेस के मंच पर ही ‘कांग्रेस vs कांग्रेस’, नकुल नाथ के सामने बिखरी एकता - Khabri Guru

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कांग्रेस के मंच पर ही ‘कांग्रेस vs कांग्रेस’, नकुल नाथ के सामने बिखरी एकता


नरसिंहपुर। स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम, जहां एकता और सम्मान का संदेश जाना था, वहीं कांग्रेस के भीतर की खींचतान खुलकर सामने आ गई। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे नकुल नाथ के सामने ही पार्टी कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए—और मंच ‘राजनीतिक कार्यक्रम’ से ज्यादा ‘अंदरूनी संघर्ष’ का अखाड़ा बन गया।

भाषण लंबा क्या हुआ, शुरू हो गई ‘महाभारत

कार्यक्रम के दौरान लोधी समाज के नेता लाखन सिंह पटेल का भाषण जैसे ही तय समय से लंबा हुआ, आयोजकों ने उन्हें रोकने का इशारा किया। बस फिर क्या था—समर्थकों का पारा चढ़ गया। देखते ही देखते बहस गाली-गलौच और धक्का-मुक्की में बदल गई।

नकुल नाथ उतरे, फिर भड़की आग

मामला कुछ देर के लिए थमा जरूर, लेकिन जैसे ही नकुल नाथ मंच से नीचे उतरे, कांग्रेस के दोनों गुट फिर आमने-सामने आ गए। पूर्व विधायक सुनील जायसवाल और कपिल सिंह के बीच तीखी नोकझोंक ने माहौल को और गरमा दिया। सवाल यह है कि जब अपने ही नेता सामने हों, तब भी अनुशासन कायम न रह सके तो संगठन की स्थिति क्या है?

पुलिस बनी ‘डैमेज कंट्रोल टीम’

स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। एएसपी संदीप भूरिया के अनुसार, यह महज ‘कहासुनी’ थी, जिसे समय रहते संभाल लिया गया। लेकिन मंच पर हुई यह ‘कहासुनी’ सोशल मीडिया पर कांग्रेस की किरकिरी बन गई।

सोशल मीडिया पर ‘वायरल सच’

घटना के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, और विपक्ष को बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया है। लोग तंज कस रहे हैं कि जो पार्टी खुद को संभाल नहीं पा रही, वह प्रदेश को क्या संभालेगी?

सरकार पर हमला, लेकिन अपने घर की ‘मरम्मत’ कब?

कार्यक्रम में नकुल नाथ ने किसानों, युवाओं और महिलाओं के मुद्दों पर सरकार को घेरा। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया—क्या कांग्रेस पहले अपनी अंदरूनी कलह को सुलझाएगी या सिर्फ मंचों से सरकार को घेरती रहेगी?

👉 कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम श्रद्धांजलि से ज्यादा कांग्रेस की ‘अंतरकलह’ का लाइव प्रदर्शन बन गया, जिसने संगठन की एकजुटता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

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