आस्था की यात्रा : अपनों से मिलकर भावविभोर हुए नर्मदा यात्री - Khabri Guru

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आस्था की यात्रा : अपनों से मिलकर भावविभोर हुए नर्मदा यात्री


जबलपुर। मां नर्मदा की असीम कृपा और आशीर्वाद से सिमरिया-केवलारी के प्रतिष्ठित शुक्ला परिवार द्वारा पवित्र नर्मदा परिक्रमा का शुभारंभ श्रद्धा, आस्था और धार्मिक उत्साह के साथ किया गया है। इस आध्यात्मिक यात्रा में परिवार के अनेक सदस्य पूरे समर्पण और भक्ति भाव के साथ शामिल होकर मां नर्मदा की परिक्रमा कर रहे हैं।

इस पवित्र परिक्रमा में जनपद पंचायत शाहपुरा के उपाध्यक्ष प्रमोद शुक्ला के साथ सिमरिया निवासी पंडित महेंद्र शुक्ला, पंडित देवेंद्र शुक्ला, पंडित राघवेंद्र शुक्ला तथा पंडित रमेश उपाध्याय प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अतिरिक्त खैरी निवासी गौरीशंकर तिवारी (पिपरिया) भी इस आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा बने हुए हैं।

परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं का जत्था सोमवार रात जबलपुर के पवित्र तीर्थ स्थल भेड़ाघाट पहुंचा। यहां मां नर्मदा के दिव्य तट पर सभी श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां नर्मदा की आरती की और मां के चरणों में प्रदेश, समाज और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। भेड़ाघाट की पावन और आध्यात्मिक वातावरण में देर रात तक भक्ति का माहौल बना रहा।





इस दौरान शुक्ला परिवार से मिलने और उनका आशीर्वाद लेने के लिए रिश्तेदारों, मित्रों और परिचितों का भी बड़ी संख्या में आगमन हुआ। सभी ने परिक्रमा कर रहे श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन किया और उनके सफल व मंगलमय यात्रा की कामना की।

अगले दिन प्रातः लगभग 10 बजे श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा का स्मरण करते हुए अपनी परिक्रमा यात्रा के अगले चरण के लिए अमरकंटक की ओर प्रस्थान किया। इस दौरान भेड़ाघाट क्षेत्र में समाजसेवी रामविनय करसोलिया तथा अंधमूक बायपास पर सनाढ्य ब्राह्मण विकास परिषद के पदाधिकारियों और सदस्यों द्वारा परिक्रमा कर रहे श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत किया गया।


इस स्वागत कार्यक्रम में परिषद के अध्यक्ष डॉ. रविकांत शुक्ला, उमाकांत शुक्ला, प्रदीप शुक्ला, अंबिका प्रसाद शुक्ला, अतुल शुक्ला, ऋषभ दुबे सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने चौराहे पर श्रद्धालुओं का पुष्पमाला और अभिनंदन के साथ स्वागत किया तथा मां नर्मदा की जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

परिक्रमा में विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि प्रमोद शुक्ला की चारों बहनें भी इस पवित्र यात्रा में भाग ले रही हैं। इसके साथ ही पंडित महेंद्र शुक्ला, पंडित देवेंद्र शुक्ला और पंडित राघवेंद्र शुक्ला का पूरा परिवार भी इस आध्यात्मिक साधना में सहभागी बना हुआ है। परिवार के सभी सदस्य पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ मां नर्मदा की परिक्रमा कर रहे हैं।

नर्मदा परिक्रमा भारतीय सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र और कठिन साधना मानी जाती है। श्रद्धालु मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक से लेकर पूरे प्रवाह क्षेत्र की परिक्रमा कर मां की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। यह परिक्रमा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि आत्मिक शांति, तप और समर्पण का भी मार्ग मानी जाती है।

शुक्ला परिवार के सदस्यों ने बताया कि मां नर्मदा की कृपा से यह परिक्रमा सफलतापूर्वक पूर्ण हो, यही उनकी कामना है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और शुभचिंतकों से आशीर्वाद और शुभकामनाएं देने की भी अपील की है।

पूरी यात्रा के दौरान मां नर्मदा के जयकारों और भक्ति के स्वर गूंजते रहे। श्रद्धालु “नर्मदे हर” का उद्घोष करते हुए आगे की यात्रा पर निकले।

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