सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी चेक पोस्ट
कोर्ट में दलील दी गई कि भारी वाहनों की जांच और सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिए चेक पोस्ट बेहद आवश्यक हैं। इस पर सहमति जताते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि परिवहन व्यवस्था को सुचारू और सुरक्षित बनाए रखने के लिए इनकी पुनर्स्थापना जरूरी है।
पहले बंद किए गए थे चेक पोस्ट
गौरतलब है कि मोहन यादव के निर्देश पर 1 जुलाई 2024 से पूरे मध्यप्रदेश में आरटीओ चेक पोस्ट बंद कर दिए गए थे। इससे पहले 30 जून 2024 तक ये पोस्ट सक्रिय थे। इस निर्णय को चुनौती देते हुए याचिकाकर्ता रजनीश त्रिपाठी ने जनहित याचिका दायर की थी।
30 दिन में पालन नहीं हुआ तो अवमानना
अदालत ने अपने आदेश में साफ कहा है कि आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के 30 दिनों के भीतर चेक पोस्ट शुरू किए जाएं। यदि ऐसा नहीं होता है, तो इसे न्यायालय की अवमानना माना जाएगा और याचिकाकर्ता पुनः अवमानना याचिका दायर कर सकता है।
वाहनों की जांच के निर्देश
कोर्ट ने यह भी कहा कि विभागीय अधिकारी ओवरलोडिंग की जांच के लिए अन्य उपाय अपना सकते हैं, लेकिन न्यायालय को दिए गए आश्वासनों का पालन करना अनिवार्य है। साथ ही, राज्य की सीमाओं से आने-जाने वाले वाहनों की सख्त जांच करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
यह फैसला सड़क सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
