पुलिस के अनुसार 4 मई 2026 की रात करीब 2:30 बजे जोधपुर पड़ाव निवासी दस्सीलाल बसौर के घर के बाहर तीन युवक पहुंचे और उसकी पत्नी लक्ष्मीबाई के साथ झूमाझटकी करने लगे। शोर सुनकर बेटा मोनू और बाद में दस्सीलाल बाहर आए। इसी दौरान एक आरोपी ने पहले से हाथ में लिए चाकू से दस्सीलाल के पेट पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल दस्सीलाल को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद थाना तिलवारा में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पल्लवी शुक्ला, सूर्यकांत शर्मा तथा नगर पुलिस अधीक्षक आशीष जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बृजेश मिश्रा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने पुराने विवाद का बदला लेने के लिए हत्या करना स्वीकार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में शुभम पाण्डेय उम्र 24 वर्ष निवासी शास्त्रीनगर थाना तिलवारा, शरद बर्मन उम्र 21 वर्ष निवासी दुर्गा नगर भटौली थाना ग्वारीघाट तथा एक 17 वर्षीय विधि विवादित बालक शामिल है।
पूछताछ में आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि हत्या की वारदात के बाद भागते समय गढ़ा रेलवे स्टेशन के सामने जंक्शन ढाबा के पास खड़े दो युवकों से पैसों की मांग की थी। पैसे नहीं देने पर चाकू दिखाकर उनका मोबाइल छीन लिया गया था। पुलिस ने छीना गया मोबाइल भी बरामद कर लिया है।
पूरे मामले का खुलासा करने में थाना प्रभारी बृजेश मिश्रा, उप निरीक्षक अभिषेक कैथवास, पी.एल. बंसल, प्रधान आरक्षक महेन्द्र पटेल, जयशंकर, सतीश शुक्ला तथा आरक्षक राहुल सनोडिया, राजेश गुप्ता और अभय बघेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
