उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक जवान की मां के कथित गलत इलाज को लेकर नाराज़गी इतनी बढ़ गई कि बड़ी संख्या में ITBP (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) के जवान पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय पहुंच गए। घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे में हलचल मच गई और मामला चर्चा का विषय बन गया। हालांकि मीडिया में खबर चलने के बाद सफाई दी गई कि अपने अधिकारियों की सुरक्षा के लिए ये जवान पहुंचे थे।
बताया जा रहा है कि ITBP के एक जवान ने आरोप लगाया है कि उसकी मां का अस्पताल में गलत इलाज किया गया, जिसके कारण उनका हाथ काटना पड़ा। जवान का कहना है कि उसने इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर स्थानीय पुलिस से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले जवान अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचा था और अस्पताल प्रबंधन तथा संबंधित डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की थी। मामला सोशल मीडिया और कई समाचार माध्यमों में भी चर्चा में रहा, लेकिन कथित तौर पर एफआईआर दर्ज नहीं होने से नाराज़गी बढ़ती चली गई।
इसी बीच शनिवार को बड़ी संख्या में ITBP जवान कानपुर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय पहुंच गए। परिसर में सुरक्षा बलों की मौजूदगी के कारण माहौल तनावपूर्ण दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बातचीत का दौर भी चला।
पूर्व पुलिस अधिकारियों और जानकारों का कहना है कि यदि शुरुआती स्तर पर शिकायत को गंभीरता से लिया जाता और समय रहते निष्पक्ष जांच शुरू होती, तो हालात यहां तक नहीं पहुंचते। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और निजी अस्पतालों की जवाबदेही दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले को शांतिपूर्वक सुलझाने की कोशिश में जुटा हुआ है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन की भूमिका और पुलिस की कार्रवाई को लेकर जांच की मांग तेज हो गई है।
यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पुलिस कमिश्नरेट परिसर में इस तरह अर्धसैनिक बल के जवानों की सामूहिक मौजूदगी बेहद दुर्लभ मानी जाती है।
