जबलपुर। बरेला स्थित निसर्ग रिसॉर्ट में करंट लगने से हुई एक व्यक्ति की मौत के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए रिसॉर्ट पर तत्काल प्रभाव से ताला जड़ दिया। घटना के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया और आज सुबह संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर रिसॉर्ट संचालन पर रोक लगाने के आदेश जारी किए गए।
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर गठित टीम में राजस्व, पुलिस, खाद्य सुरक्षा एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया था। टीम ने तहसीलदार बरेला शशांक दुबे के नेतृत्व में रिसॉर्ट परिसर का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि रिसॉर्ट का केवल आंशिक हिस्सा ही डायवर्टेड था, जबकि शेष क्षेत्र में नियमों के विपरीत गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि रिसॉर्ट संचालक के पास फायर एनओसी उपलब्ध नहीं थी। इतना ही नहीं, परिसर में आग लगने जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक अग्निशमन व्यवस्था भी नहीं मिली। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल कार्रवाई की।
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में रिसॉर्ट के किचन में गंदगी और अस्वच्छता भी सामने आई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मौके से खाद्य सामग्री के नमूने एकत्रित कर परीक्षण के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं विद्युत विभाग की टीम ने भी रिसॉर्ट में बिजली व्यवस्था का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है। माना जा रहा है कि करंट लगने की घटना भी लापरवाही का परिणाम हो सकती है, जिसकी विस्तृत जांच जारी है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने और सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होने तक रिसॉर्ट को दोबारा संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में संचालित अन्य रिसॉर्ट और फार्म हाउसों की भी जांच की तैयारी शुरू कर दी गई है, ताकि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की जा सके।
