सूत्रों के अनुसार, नगर संगठन के भीतर कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि संगठन की गतिविधियां एक ही पदाधिकारी के इर्द-गिर्द सिमटती जा रही हैं। कार्यक्रमों की रूपरेखा, आमंत्रण सूची और विभिन्न निर्णयों में उनकी भूमिका अत्यधिक प्रभावशाली बताई जा रही है। इसे लेकर स्थानीय स्तर पर असंतोष भी सामने आ रहा है।
वहीं, संगठन के भीतर यह भी चर्चा है कि इस पूरे मामले की शिकायत प्रदेश नेतृत्व तक पहुंच चुकी है। बताया जा रहा है कि भोपाल में संगठन स्तर पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली जा रही है और नगर संगठन की कार्यशैली को लेकर रिपोर्ट भी तलब की जा सकती है। हालांकि भाजपा संगठन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
दूसरी ओर, सोनू बचवानी के समर्थकों का कहना है कि वे वर्षों से संगठन के लिए सक्रिय रहे हैं। युवा मोर्चा से लेकर विभिन्न संगठनात्मक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए उन्होंने पार्टी के कार्यक्रमों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनका तर्क है कि संगठन में उनकी सक्रियता और मेहनत के कारण ही उन्हें नगर महामंत्री का दायित्व मिला है।
फिलहाल संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी इस पूरे विवाद पर सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से बच रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और अब सबकी नजर प्रदेश नेतृत्व की अगली रणनीति पर टिकी है।
