जबलपुर। शहर के ऐतिहासिक शास्त्री ब्रिज का जल्द ही भव्य कायाकल्प होने जा रहा है। करीब 68 वर्ष पुराने इस पुल को हटाकर आधुनिक तकनीक से नया फोर-लेन ब्रिज बनाया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की रूपरेखा तैयार करने के लिए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों के साथ पुल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण दल में आईआईटी रुड़की के मोहित वर्मा, आईआईटी गुवाहाटी के श्रीनिवास, सीआरआरआई दिल्ली की चीफ साइंटिस्ट कविता रविंदर, वैज्ञानिक दिनेश यादव, वैज्ञानिक गणेश कुमार, पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर (ब्रिज) गोपाल सिंह तथा नेशनल हाईवे के चीफ इंजीनियर बोरासी शामिल रहे। विशेषज्ञों ने पुल की वर्तमान स्थिति और नई संरचना के सभी तकनीकी पहलुओं का परीक्षण किया।
नया शास्त्री ब्रिज अत्याधुनिक सिंगल पियर (एकल स्तंभ) तकनीक पर बनाया जाएगा। इस तकनीक के कारण पुल के नीचे पिलरों की संख्या कम रहेगी, जिससे नीचे की सड़क पर यातायात के लिए अधिक स्थान उपलब्ध होगा। इससे वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या में भी काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
लोक निर्माण विभाग ने परियोजना की आवश्यक औपचारिकताएं शुरू कर दी हैं। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। नया फोर-लेन ब्रिज शहर की बढ़ती यातायात जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा।
इस पुल पर आकर्षक डेकोरेटिव लाइटिंग की जाएगी, जिससे रात के समय इसकी खूबसूरती और बढ़ेगी। साथ ही भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बिजली, संचार और अन्य यूटिलिटी सेवाओं के लिए आधुनिक डक्ट्स बनाए जाएंगे, ताकि भविष्य में केबल या पाइपलाइन बिछाने के लिए पुल की खुदाई न करनी पड़े।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि नया शास्त्री ब्रिज जबलपुर की आधुनिक पहचान बनेगा और नागरिकों को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध कराएगा। परियोजना पूरी होने के बाद शहर को लंबे समय से चली आ रही यातायात संबंधी समस्याओं से राहत मिलेगी और जबलपुर के विकास को नई गति मिलेगी।

