जबलपुर। शहर के व्यस्त बड़ा फुहारा क्षेत्र में मंगलवार शाम बारिश के दौरान एक पुरानी और जर्जर तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। गनीमत रही कि घटना के समय भवन में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार, जिस भवन का हिस्सा गिरा उसमें निचली दो मंजिलों पर सोसायटी साड़ी भंडार नाम से कपड़ों की दुकान संचालित होती थी। भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए दुकान संचालक पहले ही यहां से अपना कारोबार समेट चुके थे और वर्तमान में बल्देव बाग क्षेत्र में रह रहे हैं। मंगलवार होने के कारण दुकान भी बंद थी, जिससे किसी के मलबे में फंसने की नौबत नहीं आई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, भवन के बाईं ओर स्थित मकान पहले से ही क्षतिग्रस्त था, जबकि दाईं ओर के मकान का पुनर्निर्माण कार्य चल रहा है और उसकी तुड़ाई की जा रही थी। दोनों ओर से सहारा कमजोर होने और लगातार हो रही बारिश के कारण पुरानी इमारत अचानक ढह गई।
इमारत गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस और नगर निगम का फायर ब्रिगेड अमला मौके पर पहुंचा। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर आसपास का क्षेत्र खाली कराया, जबकि राहत एवं मलबा हटाने का कार्य देर रात तक जारी रहा। प्रशासन द्वारा आसपास की जर्जर इमारतों की भी जांच किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, जिस भवन का हिस्सा गिरा उसमें निचली दो मंजिलों पर सोसायटी साड़ी भंडार नाम से कपड़ों की दुकान संचालित होती थी। भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए दुकान संचालक पहले ही यहां से अपना कारोबार समेट चुके थे और वर्तमान में बल्देव बाग क्षेत्र में रह रहे हैं। मंगलवार होने के कारण दुकान भी बंद थी, जिससे किसी के मलबे में फंसने की नौबत नहीं आई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, भवन के बाईं ओर स्थित मकान पहले से ही क्षतिग्रस्त था, जबकि दाईं ओर के मकान का पुनर्निर्माण कार्य चल रहा है और उसकी तुड़ाई की जा रही थी। दोनों ओर से सहारा कमजोर होने और लगातार हो रही बारिश के कारण पुरानी इमारत अचानक ढह गई।
इमारत गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस और नगर निगम का फायर ब्रिगेड अमला मौके पर पहुंचा। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर आसपास का क्षेत्र खाली कराया, जबकि राहत एवं मलबा हटाने का कार्य देर रात तक जारी रहा। प्रशासन द्वारा आसपास की जर्जर इमारतों की भी जांच किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
