प्रीतम लोधी ने बताया कि दिनेश लोधी के खिलाफ एक पुराना मामला न्यायालय में लंबित है। कई बार पेशी पर अनुपस्थित रहने के कारण अदालत ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका परिवार न्यायपालिका में पूरा विश्वास रखता है और कानून से ऊपर कोई नहीं है।
विधायक ने दावा किया कि वह पहले भी तीन बार अपने बेटे को स्वयं पुलिस थाने लेकर गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि अतीत में कई इनामी आरोपियों को भी उन्होंने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कराया था। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि जब वह आरोपियों को लेकर चौकी थाने पहुंचते थे तो पुलिस भी हैरान रह जाती थी।
प्रीतम लोधी ने अपने पुराने मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके खिलाफ भी वर्षों पहले कई मुकदमे चले थे, लेकिन अदालत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया था। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था पर उनका भरोसा हमेशा बना रहा है।
इस बीच दिनेश लोधी से जुड़े करैरा थार हादसे के मामले में विधायक का एक पुराना विवादित वीडियो भी सोशल मीडिया पर फिर वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्होंने तत्कालीन एसडीओपी पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। बेटे के फरार घोषित होने के बाद यह वीडियो एक बार फिर राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
