सेवा, समर्पण के पर्याय दीपू महाराज का होगा अभिनंदन - Khabri Guru

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सेवा, समर्पण के पर्याय दीपू महाराज का होगा अभिनंदन


जबलपुर। समाज सेवा और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता पंडित दीपू महाराज का शीघ्र ही अभिनंदन किया जाएगा। विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े दीपू महाराज लंबे समय से जनसेवा, सामाजिक जागरूकता और मानवीय मूल्यों के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। यह निर्णय आयोजन समिति की बैठक में लिया गया।




बैठक में वक्ताओं ने कहा कि दीपू महाराज का जीवन समाज सेवा, सेवा भाव और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने शिक्षा, सामाजिक समरसता, युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता जैसे विषयों पर लगातार कार्य किया है।




दीपू महाराज का मानना है कि "समाज की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।" उनका कहना है कि वर्तमान समय में प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है कि वह निस्वार्थ भाव से समाजहित में कार्य करे और अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए आगे आए। उनके अनुसार समाज की वास्तविक प्रगति शिक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता पर आधारित होती है तथा युवाओं को सामाजिक नेतृत्व और सेवा भावना के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।




उन्होंने परिवार को समाज की सबसे मजबूत इकाई बताते हुए कहा कि बच्चों में ईमानदारी, अनुशासन, परिश्रम, सेवा और राष्ट्रभक्ति जैसे संस्कार बचपन से ही विकसित किए जाने चाहिए। आधुनिकता के साथ भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है।




दीपू महाराज सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जनजागरूकता पर भी विशेष बल देते हैं। उनका मानना है कि सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक संदेशों, शिक्षा, जनजागरण और समाज सेवा के कार्यों के लिए किया जाना चाहिए।




वर्तमान में पंडित दीपू महाराज राजीव गांधी वार्ड मां रेवा परिसर सेवा समिति के अध्यक्ष, जनकल्याण मानव अधिकार फाउंडेशन के प्रदेश प्रवक्ता तथा श्रीनगर पंडित सभा, जबलपुर के कोषाध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। विभिन्न सामाजिक दायित्वों के माध्यम से वे लगातार जनहित के कार्यों में सक्रिय हैं।




आयोजकों ने कहा कि सरकार की योजनाओं की सफलता जनभागीदारी पर निर्भर करती है। स्वच्छता, स्वास्थ्य, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक विकास जैसे क्षेत्रों में नागरिकों की सक्रिय सहभागिता ही सशक्त समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार है।

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