रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सिंगरौली जिले की चितरंगी तहसील के बसही गांव की रहने वाली महज चार माह की दुधमुंही बच्ची को पिछले तीन दिनों से खाने-पीने में परेशानी हो रही थी। दर्द के कारण बच्ची लगातार परेशान थी। परिजन पहले अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक में लगे रहे, जिससे उसकी हालत बिगड़ती गई।
एक्स-रे में सामने आया चौंकाने वाला मामला
बच्ची की हालत गंभीर होने पर परिजन उसे सीधी के एक निजी नर्सिंग होम लेकर पहुंचे। शुरुआती उपचार के बाद अगले दिन बच्ची का एक्स-रे कराया गया। एक्स-रे में उसके गले में कोई वस्तु फंसी दिखाई दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्ची को तत्काल रीवा के संजय गांधी अस्पताल रेफर कर दिया।
भोजन की नली में फंसा था पायल का नुकीला टुकड़ा
संजय गांधी अस्पताल के ईएनटी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नीरज कुमार दुबे ने बच्ची को भर्ती कर जांच शुरू की। ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र सिंह मौपाची के अनुसार जांच में पता चला कि बच्ची की भोजन नली (एसोफैगस) में करीब 2 सेंटीमीटर लंबा पायल का नुकीला टुकड़ा फंसा हुआ था।
मासूम की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने तत्काल इमरजेंसी ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। ईएनटी टीम ने रिजिड एसोफैगोस्कॉपी की मदद से पायल के टुकड़े को सफलतापूर्वक बाहर निकाल दिया।
डॉक्टरों की टीम ने किया सफल ऑपरेशन
ऑपरेशन में ईएनटी विभाग से डॉ. हर्षवर्धन, डॉ. आकांक्षा, डॉ. दीक्षा, डॉ. गार्गी और डॉ. अनिका ने सहयोग किया। वहीं एनेस्थेसिया विभाग से डॉ. कपिल प्रजापति, डॉ. देवयानी, डॉ. अनिता और डॉ. संदीप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सफल ऑपरेशन के बाद बच्ची की हालत अब ठीक बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार वह स्वस्थ है और जल्द ही उसे अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है।
