जबलपुर। रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना (बरगी बांध) के कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही बारिश और बांध में बढ़ती पानी की आवक को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। जल भराव की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गुरुवार, 3 सितंबर 2026 की सुबह 11 बजे आवश्यकता पड़ने पर बांध के 5 जलद्वार खोले जा सकते हैं।
प्रशासन के अनुसार, यदि गेट खोले जाते हैं तो उन्हें औसतन 1 मीटर की ऊंचाई तक खोला जा सकता है। इससे बांध से पानी की निकासी बढ़ेगी और नर्मदा नदी के निचले क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की संभावना है।
93 फीसदी से ज्यादा भर चुका है बरगी बांध
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार 2 सितंबर की सुबह 8 बजे बरगी बांध का जलस्तर 421.85 मीटर दर्ज किया गया। यह बांध की कुल जलभराव क्षमता का करीब 93.33 प्रतिशत है।
वर्तमान में बांध में लगभग 707 क्यूमेक पानी की आवक हो रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान और कैचमेंट क्षेत्र में संभावित बारिश को देखते हुए जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए गेट खोलने की तैयारी की जा रही है।
5 गेट खुले तो 760 क्यूमेक पानी छोड़ा जाएगा
यदि गुरुवार सुबह 5 गेट औसतन 1 मीटर तक खोले जाते हैं, तो बरगी बांध से करीब 760 क्यूमेक पानी की निकासी की जा सकती है।
इसके कारण नर्मदा नदी के निचले हिस्सों और प्रमुख घाटों पर जलस्तर में अचानक 3 से 4 फीट तक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है।
नर्मदा किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह
संभावित जलस्तर वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने नर्मदा नदी के किनारे बसे निचले इलाकों, तटीय गांवों और घाटों पर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
प्रशासन ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे नर्मदा के घाटों और नदी के आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
कैचमेंट एरिया की स्थिति के अनुसार बदल सकता है फैसला
बांध नियंत्रण कक्ष के अनुसार कैचमेंट एरिया में बारिश और बांध में वास्तविक जल आवक की स्थिति लगातार बदल रही है। ऐसे में परिस्थितियों के आधार पर खोले जाने वाले गेटों की संख्या और पानी की निकासी की मात्रा में बदलाव किया जा सकता है।
प्रशासन और जल संसाधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी और घाटों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं तथा प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।
