जबलपुर। शहर में कथित अवैध शराब परिवहन का वीडियो बनाना भगवती मानव कल्याण संगठन के एक कार्यकर्ता को भारी पड़ गया। कार्यकर्ता ने होटल ऋषि रिजेंसी के पास शराब ले जा रही गाड़ियों का वीडियो बनाने के दौरान होटल मैनेजर और उसके साथियों पर मारपीट करने, कपड़े फाड़ने और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है। घटना के विरोध में बुधवार को संगठन के कार्यकर्ताओं ने होटल के बाहर पहुंचकर प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ता रूपसिंह लोधी के मुताबिक, मंगलवार रात एक पिकअप बोलेरो में शराब भरकर होटल ऋषि रिजेंसी के पास लाई गई थी। उन्होंने सड़क पर खड़े होकर गाड़ी का वीडियो बनाया और शराब कहां से लाई गई तथा कहां ले जाई जा रही है, इसकी जानकारी लेने की कोशिश की। आरोप है कि इसी दौरान होटल के मैनेजर और 3-4 अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
रूपसिंह का आरोप है कि आरोपी उन्हें घसीटते हुए बिल्डिंग तक ले गए और उनके कपड़े फाड़ दिए। इसके बाद उनका मोबाइल छीन लिया गया और उसमें रिकॉर्ड किया गया वीडियो डिलीट करने का दबाव बनाया गया।
घटना के बाद पीड़ित कार्यकर्ता संगठन के सदस्यों के साथ सिविल लाइन थाने पहुंचा और पुलिस को लिखित शिकायत दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
मौके पर मौजूद महिला पुलिस अधिकारी ने बताया कि संगठन के कार्यकर्ताओं ने होटल के सामने कथित अवैध शराब ले जाने का वीडियो बनाने के दौरान मारपीट और मोबाइल छीनने की शिकायत की है। पुलिस शिकायत की तस्दीक कर रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के मुताबिक, शराब का स्टॉक निर्धारित मात्रा से अधिक होने के संबंध में आबकारी विभाग को भी सूचना दी जा रही है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। व्यवस्था बनाए रखने और नियमानुसार कार्रवाई के लिए संबंधित दुकान का शटर भी बंद करवाया गया है।
संगठन ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
संगठन की प्रतिनिधि रेखा पटेल ने कहा कि भगवती मानव कल्याण संगठन नशामुक्ति और अवैध शराब के खिलाफ लगातार आवाज उठाता रहा है। उन्होंने कार्यकर्ता के साथ कथित मारपीट को गंभीर मामला बताते हुए आरोपी होटल मैनेजर और अन्य लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही कार्यकर्ता का मोबाइल वापस दिलाने की मांग भी की गई है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
