जबलपुर। शहर में बिजली कटौती, कथित मनमानी बिलिंग और स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों को लेकर कांग्रेस ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शहर सौरभ नाटी शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता अधीक्षण अभियंता (SE) कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने बिजली उपभोक्ताओं की समस्याएं रखीं। कांग्रेस ने बिजली आपूर्ति में लापरवाही और कथित नियम विरुद्ध वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
35 ट्रांसफार्मरों की बिजली आपूर्ति बंद होने का दावा
सौरभ नाटी शर्मा ने जारी विज्ञप्ति में आरोप लगाया कि मंगलवार सुबह करीब 9 बजे से शहर के लगभग 35 ट्रांसफार्मरों की बिजली आपूर्ति बंद रही। इसके चलते कई क्षेत्रों में घंटों बिजली गुल रही, जबकि कुछ इलाकों में लंबे समय तक आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी। कांग्रेस का दावा है कि इस अव्यवस्था से करीब 40 हजार बिजली उपभोक्ता भीषण गर्मी और उमस के बीच परेशान हुए।
शर्मा ने कहा कि जनता नियमित रूप से बिजली बिलों का भुगतान करती है, इसके बावजूद उसे घंटों बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई उपभोक्ता समय पर बिल जमा नहीं करता तो विभाग उसका कनेक्शन काट देता है, लेकिन लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने पर विभाग की जवाबदेही कौन तय करेगा।
300 यूनिट औसत बिलिंग पर सवाल
कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर को लेकर भी सवाल उठाए। शर्मा ने आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं पर स्मार्ट मीटर लगाने का दबाव बनाया जा रहा है और 300 यूनिट की औसत खपत के आधार पर बिल जारी किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जबकि वास्तविक खपत इससे अलग है।
स्मार्ट मीटर की लाइन काटने के नाम पर बिजली बिल में 340 रुपए की राशि जोड़ने को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए विभाग से स्पष्ट करने की मांग की कि यह राशि किस नियम के तहत वसूली जा रही है।
कांग्रेस पार्षदों के वार्डों में अधिक ट्रांसफार्मर बंद होने का आरोप
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्षदों के वार्डों में अधिक संख्या में ट्रांसफार्मर बंद होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने विभाग से मांग की कि प्रत्येक वार्ड में कितने ट्रांसफार्मर बंद हैं और किन क्षेत्रों में कितने समय तक बिजली बाधित रही, इसका पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए।
शर्मा ने कहा कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा में यदि राजनीतिक भेदभाव किया जा रहा है तो यह गंभीर मामला है। उन्होंने कहा, “ट्रांसफार्मर किसी राजनीतिक दल का नहीं होता और जनता को भी राजनीतिक दल देखकर बिजली नहीं दी जा सकती।”
मुआवजा और जिम्मेदारी तय करने की मांग
कांग्रेस ने लंबे समय तक बिजली बंद रहने से प्रभावित उपभोक्ताओं को उचित मुआवजा देने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। साथ ही 300 यूनिट की औसत बिलिंग और 340 रुपए की कथित अतिरिक्त वसूली की व्यवस्था की तत्काल समीक्षा करने की मांग की गई।
सौरभ नाटी शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि बिजली विभाग ने व्यवस्था में सुधार नहीं किया और उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस आंदोलन को और व्यापक करेगी।
उन्होंने कहा, “बिजली जनता का अधिकार है, सरकार की मेहरबानी नहीं। जनता बिल भरती है तो उसे बिजली भी चाहिए और सम्मान भी। बिजली विभाग की मनमानी अब नहीं चलेगी।”
प्रदर्शन के दौरान दिनेश यादव, अमरीश मिश्रा, सरबजीत सिंह, मनीष चंसोरिया, रितेश बंटी गुप्ता, आशु वत्स, अभिषेक चंदेल, रिंकू यादव, मेवा लाल पटेल, समर्थ अवस्थी, आसिफ इकबाल, सिद्धांत जैन, प्रमोद पटेल, सलिल चौकसे, अभिषेक पाठक, सतीश तिवारी, संतोष पांडा, गुड्डू नबी, अयोध्या तिवारी, गुड्डा चौबे, अनुपम जैन, संजय उपाध्याय, पुष्कल शर्मा, अनु तिवारी, ताहिर अली, रविंद्र कुशवाहा, खुर्शीद अंसारी, राजेश दीवान, मिथुन शिवहरे, पंकज निगम, आलोक गुप्ता, कलीम खान, रिजवान अली, शिशिर नन्होरिया, मुख्तार अली, राजा पांडे, टीकाराम कोस्टा, रविंद्र गौतम, डॉ. अभिजीत परिहार, विक्रम सिंह, भरत पटेल, असलम खान, मोहम्मद यावर, आशीष तिवारी, अक्षय विनोदिया, अली मंसूरी, राजेश पटेल, अभिषेक तिवारी, नवल केसरवानी, अशोक यादव, श्याम सोलंकी, मोइन खान, देवेंद्र लखेरा, अनुज मिश्रा, संजय गुप्ता, विवेक डिगाते, नीरज जायसवाल, सूरज रैकवार, अभिनय जैन, दिनेश चौबे, दुर्गेस पाठक, प्रतीक चौकसे, कृष्णा दुबे, यावर चौधरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
