जबलपुर। नगर निगम भी कमाल का काम करती है। यह कोई आष्चर्य की बात नहीं है लेकिन इस बार जो किया उससे साफ हो गया कि कोरोनाकाल में भी नगर निगम के अधिकारी गम्भीरता नहीं दिखा रहे हैं। ताजा मामला सिविल लाइन स्थित रिज रोड का है जहां एक वुशू खिलाड़ी के कोरोना टेस्ट कराने के 20 दिन बाद पहुंची टीम ने कोविड पाॅजिटिव होने का पोस्टर लगा दिया। घर के लोगों ने लाख अपनी बात रखने की कोषिष की लेकिन नगर निगम की टीम, बोली- आपको कोरोना है, होम क्वारैंटाइन में 1 मई तक रहना ही होगा। इसी तरह राइट टाउन में भी टीम ने तब होम क्वारैंटाइन का पोस्टर चिपकाया, जब संक्रमित ठीक हो गए।
कोरोना महामारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की हद दर्जे की लापरवाही सामने आई है। रिज रोड स्थित लेखा नगर में रहने वाली 25 वर्षीय वुशू खिलाड़ी के घर 20 दिन बाद टीम पहुंची और कोरोना संक्रमित बताते हुए होम क्वारैंटाइन का पोस्टर चिपका गई। जानकारी के अनुसार लेखानगर निवासी वुशू खिलाड़ी श्रद्धा यादव को सर्दी और बुखार हुआ था। 6 अप्रैल को विक्टोरिया अस्पताल में कोरोना जांच के लिए आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल दिया। रिपोर्ट के लिए दो बार अस्पताल गई, लेकिन वहां रिपोर्ट नहीं मिली। श्रद्धा यादव के मुताबिक बोला गया कि मोबाइल पर संक्रमित होने पर मैसेज आएगा। 20 दिन तक न तो मैसेज आया और न ही पॉजिटिव या निगेटिव रिपोर्ट का ही पता चला। सर्दी और बुखार भी सामान्य दवा से ठीक हो गया।
20 दिन बाद बोले 10 को आ चुकी है रिपोर्ट
सोमवार 26 अप्रैल को नगर निगम की टीम पहुंची। इसमें कर्मियों ने परिवार के चार सदस्यों को 22 अप्रैल से एक मई तक होम क्वारैंटाइन में रहने का पोस्टर चिपका दिया। कर्मियों ने पूछने पर बताया कि उसकी रिपोर्ट 10 अप्रैल को आ चुकी है। उसमें वह कोरोना पॉजिटिव बताया गा है। वुशू खिलाड़ी के मुताबिक वह संक्रमित थी तो अब तक रिपोर्ट क्यों नहीं दी गई? अब जबकि संक्रमित आकर 20 दिन से ज्यादा हो चुके हैं, तो पोस्टर चिपकाने से कैसे सुरक्षा होगी। पोस्टर में चार दिन पहले की तारीख दर्ज होने पर भी आपत्ति दर्ज कराई।
एक सप्ताह बाद पहुंचे सैनिटाइज करने और 12 दिन बाद पोस्टर लगाने
इसी तरह राइट टाउन निवासी दो महिलाओं के फ्लैट में भी इसी तरह जांच कराने के 12 दिन बाद नगर निगम की टीम होम क्वारैंटाइन का पोस्टर चिपकाने पहुंची है। परिवार में उनके पिता कोरोना संक्रमित हुए थे। इसी के बाद उक्त दोनों महिलाओं की जांच कराई गई थी। जांच कराने के एक सप्ताह बाद नगर निगम की टीम सैनिटाइज करने पहुंची थी। जबकि दोनों महिलाओं को हल्का बुखार आया था, जो अब पूरी तरह से ठीक हो चुका है।

