मामले की जानकारी मिलते ही सांसद ने डीएसओ को बुलाकर लगाई फटकार
जबलपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फिट इंडिया मिशन की भावना को ज़मीन पर उतारने वाले सांसद खेल महोत्सव 2025 के समापन अवसर पर खिलाड़ियों की ओर से सामने आई शिकायतों को सांसद आशीष दुबे ने बेहद गंभीरता से लिया। जैसे ही उन्हें पुरस्कार राशि को लेकर खिलाड़ियों की नाराजगी की जानकारी मिली, वे तुरंत मौके पर पहुंचे और पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाया।
रानीताल खेल परिसर में खिलाड़ियों ने सांसद को बताया कि प्रतियोगिता के पूर्व जो प्रोत्साहन राशि बताई गई थी, वह उन्हें नहीं दी गई। शिकायत सुनते ही सांसद आशीष दुबे ने जिला खेल अधिकारी आशीष पांडे को तलब किया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि खिलाड़ियों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या संवादहीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। सांसद ने डीएसओ को निर्देशित करते हुए कहा कि खिलाड़ियों से तत्काल संवाद कर स्थिति स्पष्ट की जाए और विवाद का समाधान निकाला जाए।
खिलाड़ियों के साथ खड़े दिखे सांसद
घटना के दौरान कुछ खिलाड़ियों द्वारा गुस्से में प्रमाण पत्र फाड़ने और मेडल लौटाने का दृश्य जरूर सामने आया, लेकिन सांसद आशीष दुबे ने पूरे घटनाक्रम को संयम और जिम्मेदारी के साथ संभाला। उन्होंने खिलाड़ियों को भरोसा दिलाया कि उनके सम्मान और भविष्य से कोई समझौता नहीं होगा तथा यदि कहीं प्रशासनिक स्तर पर चूक हुई है तो उसकी जांच कराई जाएगी।
प्रशासनिक बयान से बढ़ा विवाद
वहीं, जिला खेल अधिकारी आशीष पांडे द्वारा दिए गए कथित बयान और व्यवहार ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इस पर भी सांसद ने अप्रत्यक्ष रूप से नाराजगी जाहिर करते हुए संकेत दिया कि खिलाड़ियों को धमकाने या अपमानित करने का रवैया कतई स्वीकार्य नहीं है।
महोत्सव का उद्देश्य बरकरार
गौरतलब है कि सांसद खेल महोत्सव का उद्देश्य ब्लॉक और जिला स्तर से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे लाना है, ताकि वे राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकें। इसी सोच के तहत सिहोरा, पाटन, कुंडम, मझौली, शहपुरा सहित कई क्षेत्रों में विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
सांसद के करीबी सूत्रों का कहना
सूत्रों के अनुसार सांसद आशीष दुबे ने स्पष्ट कर दिया है कि खिलाड़ियों के साथ वायदा खिलाफी या प्रशासनिक असंवेदनशीलता को वे किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे। पूरे मामले की समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
डीएसओ का कहना है...
जिला खेल अधिकारी आशीष पांडे का कहना है कि उनका दायित्व केवल आयोजन प्रबंधन तक सीमित था और पुरस्कार राशि वितरण की प्रक्रिया अन्य स्तर से संचालित हुई। हालांकि सांसद स्तर पर पूरे घटनाक्रम की पारदर्शी जांच के संकेत दिए गए हैं।
