जबलपुर। नगर निगम द्वारा सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण को लेकर अपनाई जा रही सख्ती के बीच एक निजी स्कूल प्रबंधन की मनमानी महंगी पड़ गई। संजीवनी नगर क्षेत्र में स्थित लक्ष्मीकांत मेमोरियल स्कूल द्वारा बिना अनुमति सार्वजनिक गार्डन में भव्य वार्षिक उत्सव का आयोजन किया जा रहा था। टेंट-पंडाल लगाकर गार्डन को निजी समारोह स्थल में तब्दील कर दिया गया, जबकि नियमों के अनुसार नगर निगम से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है।
स्थानीय नागरिकों ने जब इस अवैध आयोजन पर आपत्ति जताई तो स्कूल प्रबंधन ने न केवल नियमों की अनदेखी की, बल्कि दबाव बनाने की कोशिश भी की। शिकायत निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार तक पहुंचते ही उद्यान विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में स्पष्ट हुआ कि सार्वजनिक संपत्ति का दुरुपयोग बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया और शुल्क के किया जा रहा था।
नियमों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए निगम ने तत्काल कार्यक्रम रुकवाया और स्कूल संचालक पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत करने का नोटिस भी जारी किया गया। निगमायुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर स्कूल की मान्यता रद्द की जा सकती है।
यह कार्रवाई उन संस्थानों के लिए कड़ा संदेश है जो सार्वजनिक संसाधनों को अपनी निजी जागीर समझते हैं।
