जबलपुर। शहर की सबसे बड़ी और लंबे समय से लंबित मांगों में शामिल अंबेडकर चौक से शहीद अब्दुल हमीद चौक तक प्रस्तावित फ्लायओवर ब्रिज का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। यह फ्लायओवर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर चौक, ब्यौहारबाग, घमापुर चौक, भानतलैया तिराहा, सिंधी कैंप, मंडी मदार टेकरी और बहोराबाग होते हुए लगभग 2500 मीटर लंबा एवं 7 मीटर चौड़ा प्रस्तावित है, जो शहर की सबसे घनी आबादी को सीधे तौर पर प्रभावित करता है।
इस मार्ग पर करिया पाथर शमशानघाट और मंडी मदार टेकरी कब्रिस्तान स्थित होने के कारण शव यात्राओं के दौरान घंटों यातायात जाम रहता है। घमापुर चौक और मंडी मदार टेकरी क्षेत्र में बार-बार जाम की स्थिति बनने से आम नागरिकों के साथ-साथ मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी मार्ग पर शहर का एकमात्र जिला अस्पताल एल्गिन रोड पर स्थित है, जहां प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिलाओं को जाम के कारण गंभीर दिक्कतें होती हैं। स्कूल, न्यायालय और बाजार क्षेत्र होने से बच्चों, वकीलों और व्यापारियों का दैनिक जीवन भी प्रभावित होता है।
वर्ष 2019 में इस फ्लायओवर को लेकर शासन स्तर पर संज्ञान लिया गया था। विस्तृत सर्वे, साइट प्लान और प्रथम स्तरीय प्राक्कलन तैयार कर लगभग 269.22 करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव भोपाल भेजा गया। खास बात यह है कि इस परियोजना में कहीं भी भू-अर्जन की आवश्यकता नहीं है। इसके बावजूद कई बार विधानसभा में मुद्दा उठाने, मंत्रियों के निर्देश, पदयात्रा और अब उच्च न्यायालय में याचिका दायर होने के बाद भी निर्माण को मंजूरी नहीं मिल सकी है।
इसके साथ ही गोहलपुर क्षेत्र में नवनिर्मित फ्लायओवर के संकरे पुल के चौड़ीकरण और पूरे इलाके में जर्जर बिजली व्यवस्था सुधार की भी मांग की जा रही है, जहां ट्रांसफार्मर जलना और घंटों बिजली गुल रहना आम हो गया है।
इन तीनों जनहित मुद्दों को लेकर कांग्रेस द्वारा 30 जनवरी 2026 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर दोपहर 2 बजे जनअधिकार न्याय पदयात्रा आयोजित की जाएगी, जो पहारिया पैलेस, शहीद अब्दुल हमीद चौक से अंबेडकर चौक तक जाएगी। आयोजकों ने अधिवक्ताओं, व्यापारियों और नागरिकों से सहयोग की अपील की है। पत्रकार वार्ता में नगर कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा, वरिष्ठ नेता दिनेश यादव, कदीर सोनी सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।
