जानकारी के अनुसार बुधवार को एक APK फाइल शादी के निमंत्रण कार्ड के नाम से व्हाट्सएप पर भेजी गई। बताया गया कि यह फाइल पहले होमगार्ड से जुड़े ब्रजेश चौबे के मोबाइल से उनके परिचितों तक पहुंची। बाद में पता चला कि उनका मोबाइल हैक हो गया था और उसी के जरिए यह फाइल अन्य लोगों को भेजी जा रही थी।
इसी तरह निरंदपुर निवासी शिवम परिहार ने भी बताया कि भाजपा पश्चिम मंडल पनागर के व्हाट्सएप ग्रुप में भी शादी के निमंत्रण के नाम से यही APK फाइल भेजी गई थी। ग्रुप के कुछ सदस्यों ने फाइल को संदिग्ध मानते हुए उसे डाउनलोड नहीं किया और अन्य लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी।
साइबर जानकारों के मुताबिक APK फाइल एंड्रॉइड एप्लिकेशन का इंस्टॉलेशन पैकेज होता है। यदि किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल किया जाता है तो उससे मोबाइल में मौजूद निजी जानकारी, बैंकिंग डाटा और सोशल मीडिया अकाउंट तक हैक होने का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर अपराधी अब शादी कार्ड, पार्सल डिलीवरी, बिजली बिल या केवाईसी अपडेट जैसे बहानों से APK फाइल भेजकर लोगों को जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए किसी भी अनजान लिंक या फाइल को डाउनलोड करने से पहले उसकी पूरी तरह जांच कर लेना जरूरी है।
लोगों से अपील की गई है कि यदि व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया पर इस तरह की संदिग्ध APK फाइल मिले तो उसे तुरंत डिलीट करें और किसी भी स्थिति में डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। साथ ही अपने परिचितों और ग्रुप के अन्य सदस्यों को भी इसकी जानकारी देकर सतर्क रहने के लिए जागरूक करें। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता और सतर्कता ही डिजिटल ठगी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
