जबलपुर। फर्जी (डमी) फर्मों और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के जरिए करोड़ों रुपये विदेश भेजे जाने की आशंका के बीच आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने मंगलवार को जबलपुर में बड़ी कार्रवाई की। विभाग की अलग-अलग टीमों ने शहर के चार प्रमुख चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के आवास और कार्यालयों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई देर रात तक जारी रही।
गोरखपुर, विजय नगर सहित शहर के अन्य पॉश इलाकों में स्थित सीए के ठिकानों पर पहुंची आयकर विभाग की टीमों ने दस्तावेज, कंप्यूटर हार्ड डिस्क, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच की। अधिकारियों का फोकस संदिग्ध कंपनियों और उनके माध्यम से किए गए वित्तीय लेनदेन की कड़ियां खंगालने पर रहा।
CBDT के निर्देश पर देशव्यापी अभियान
सूत्रों के अनुसार, जबलपुर में की गई कार्रवाई केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के निर्देश पर देशभर में चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। विभाग को कुछ करदाताओं और फर्मों द्वारा आयकर रिटर्न (ITR), टैक्स देनदारी और वित्तीय लेनदेन में कथित अनियमितताओं की जानकारी मिली थी। इसी आधार पर संबंधित ठिकानों की जांच की जा रही है।
डमी कंपनियों और हवाला नेटवर्क की जांच
जांच के दौरान आयकर विभाग की टीम इस बात का पता लगा रही है कि कहीं शेल या डमी कंपनियों का इस्तेमाल कर बड़ी रकम को संदिग्ध माध्यमों से विदेश तो नहीं भेजा गया। इसके अलावा फर्जी घाटा दिखाकर टैक्स देनदारी कम करने या आय छिपाने जैसी संभावित अनियमितताओं की भी पड़ताल की जा रही है।
क्लाइंट्स के रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में
अधिकारियों द्वारा सीए के कार्यालयों से उनके क्लाइंट्स से जुड़े ITR, बैंक स्टेटमेंट, ऑडिट रिपोर्ट, निवेश संबंधी दस्तावेज और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि संदिग्ध फर्मों के माध्यम से रकम किन-किन खातों और देशों तक पहुंची तथा इन लेनदेन में संबंधित सीए की भूमिका क्या रही।
फिलहाल आयकर विभाग की कार्रवाई और जांच जारी है। अधिकारियों की ओर से जब्ती या किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
