जबलपुर। शहर के रानीताल क्षेत्र स्थित लंबे समय से बंद पड़ी BSNL टेलीग्राफ फैक्ट्री परिसर में बुधवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। जर्जर भवन और शेड को हटाने के दौरान अचानक एक ऊंची दीवार भरभराकर गिर गई। हादसे के समय मौके पर 10 से अधिक मजदूर काम कर रहे थे। इनमें से दो मजदूर मलबे की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।
स्टील शेड हटाने का चल रहा था काम
BSNL फैक्ट्री के अधिकारी एमएल मेहरा के अनुसार, लंबे समय से बंद पड़े परिसर से स्टील के शेड हटाने का ठेका जयपुर की फर्म 'एएस स्टील' को दिया गया था। ठेका कंपनी ने पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों से मजदूरों को काम के लिए बुलाया था।
बुधवार सुबह करीब 11 बजे मजदूर जर्जर दीवार पर चढ़कर स्टील का शेड निकालने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक दीवार भरभराकर ढह गई और उसके मलबे में दो मजदूर दब गए।
नसीम और अकबर की मौत
हादसे में मलबे की चपेट में आए मजदूरों की पहचान नसीम और अकबर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों लंबे समय से इस साइट पर काम कर रहे थे।
दीवार गिरने के बाद मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर मदनमहल थाना पुलिस और नगर निगम की रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंची।
रेस्क्यू टीम ने मलबा हटाकर दोनों मजदूरों के शव बाहर निकाले।
लगातार बारिश से कमजोर हो गया था ढांचा
शुरुआती जांच में अधिकारियों के सामने यह बात सामने आई है कि पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण फैक्ट्री की पुरानी इमारत और दीवारें कमजोर हो गई थीं।
अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि जर्जर ढांचे पर काम कराने से पहले सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। कार्यस्थल पर मजदूरों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे शव
पुलिस ने दोनों मजदूरों के शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। ठेकेदार के पास उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मृतकों के मूल निवास स्थान और अन्य विवरण जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस ने मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है।
ठेकेदार की लापरवाही की भी जांच
मदनमहल थाना पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि काम के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं और कहीं ठेकेदार की लापरवाही तो हादसे की वजह नहीं बनी।
पुलिस कार्यस्थल पर मौजूद परिस्थितियों, जर्जर भवन की स्थिति और सुरक्षा इंतजामों से जुड़े तथ्यों को भी जांच में शामिल कर रही है।
मीडिया को भी मुख्य द्वार पर रोका गया
हादसे के बाद जब स्थानीय मीडिया कवरेज के लिए फैक्ट्री परिसर पहुंची, तो मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया।
वहीं, रेस्क्यू टीम ने पूरे परिसर की जांच की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मलबे में कोई अन्य मजदूर तो नहीं फंसा है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। हादसे में दो मजदूरों की मौत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जर्जर और बारिश से कमजोर हो चुके ढांचे में काम शुरू करने से पहले सुरक्षा मानकों की पर्याप्त जांच क्यों नहीं की गई।
