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प्रदेश में 7 मई तक लाॅकडाउन, समीक्षा बैठक में लिया गया निर्णय


भोपाल। गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया है कि कोरोना की चेन को तोड़ने के लिये कोरोना कर्फ्यू को 7 मई तक बढ़ाने का निर्णय कोरोना समीक्षा बैठक में लिया गया। कोरोना कर्फ्यू का कड़ाई से पालन कराया जायेगा। उन्होंने बताया कि संक्रमण पर नियंत्रण के लिये किये गये प्रयासों के सकारात्मक परिणाम आने लगे हैं। रिकवरी रेट में वृद्धि हुई है। प्रदेश को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की चिंता एवं प्रयास लगातार किये जा रहे हैं। केन्द्र सरकार ने बीते दिन ही कहा है कि जहां 10% से ज्यादा संक्रमण दर है वहां पर दस दिन तक लाॅकडाउन का कड़ाई के साथ पालन कराया जाए। इसी के चलते राज्य सरकार को ये फैसला लेना पड़ रहा है। 8 और 9 मई को शनिवार-रविवार है, दो दिन का वीकेंड लॉकडाउन संबंधी स्टैंडिंग ऑर्डर पहले से ही लागू है। इस तरह 10 मई की सुबह 6 बजे तक प्रदेश के सभी जिलों में सबकुछ बंद रहेगा।

बताया गया है कि केंद्रीय गृह सचिव अनिल कुमार भल्ला ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस को 26 अप्रैल को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि जिन जिलों में संक्रमण दर औसतन 10% से ज्यादा है, वहां जनता कर्फ्यू (लॉकडाउन) अगले 10 दिन और बढ़ा दें। इसके बाद सरकार इसकी तैयारी में जुट गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने कोर ग्रुप की बैठक में इसके संकेत भी दे दिए।

संभावना जताई जा रही थी कि सरकार 7 मई तक जिलेवार लॉकडाउन बढ़ाने के ऑर्डर जारी कराएगी। चूंकि 8 और 9 मई को शनिवार-रविवार है, दो दिन का वीकेंड लॉकडाउन संबंधी स्टैंडिंग ऑर्डर पहले से ही लागू है। इस तरह माना जा रहा है कि 10 मई की सुबह 6 बजे तक प्रदेश के सभी जिलों में सबकुछ बंद रहेगा। जिलों में वहां के हालात को देखते हुए क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी रियायतें और पाबंदी में बदलाव करेंगी।

जबलपुर में बेखौफ घूम रहे आम लोग
लॉकडाउन के दौरान अत्यावश्यक सेवाओं के अलावा कुछ लोगों को आवाजाही की छूट दी गई है। इसके अलावा हर किसी को कहा गया है कि बिना किसी ठोस वजह के वे घर से बाहर न निकलें। इस आदेश का पालन सभी को करना है लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जो बिना किसी कार्य के ही तफरीह करने के लिए न केवल गलियों में बल्कि मुख्य बाजारों में घूमते दिखाई दे रहे हैं। जबलपुर में आज दोपहर के वक्त जब इस रिपोर्टर ने जायजा लिया तो देखा कि बड़ा फुहारा, कमानिया गेट, अंधेरदेव, गढ़ाफाटक, निवाड़गंज जैसे इलाकों में भी सड़क किनारे दुकानें सजी थीं। इसके अलावा दुकानदार शटर गिराकर बाहर खड़े रहते हुए ग्राहकों को इंतजार कर रहे थे। पुलिस की गाड़ी आने पर जरूर कुछ देर के लिए ऐसी जगहों पर लॉकडाउन का असर दिखने लगता है। कहा जा रहा है कि जब लोग खुद ही लॉकडाउन का पालन नहीं कर रहे हैं तो कोरोना संक्रमण की दर को कैसे कम किया जा सकता है।
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