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बरगी बांध के सभी 13 गेट खुले, 3988 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा; नर्मदा का जलस्तर 10-12 फीट बढ़ा



जबलपुर। कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही बारिश के चलते रानी अवंतीबाई लोधी सागर परियोजना (बरगी बांध) में पानी की आवक तेजी से बढ़ गई है। बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध प्रबंधन ने गुरुवार दोपहर 12 बजे चार और गेट खोल दिए। इसके साथ ही बरगी बांध के सभी 13 गेट औसतन 2.15 मीटर तक खोल दिए गए हैं। इन गेटों से करीब 3988 क्यूमेक पानी प्रति सेकंड नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है।

सुबह 8 बजे बांध का जलस्तर 421.25 मीटर दर्ज किया गया था, जो महज तीन घंटे में बढ़कर सुबह 11 बजे 421.35 मीटर पहुंच गया। पानी की तेज आवक को देखते हुए बांध प्रबंधन ने जलनिकासी बढ़ाने का निर्णय लिया। इससे पहले नौ गेट औसतन 0.78 मीटर खुले थे और उनसे करीब 1031 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा था। इसके अलावा पावर हाउस से भी करीब 200 क्यूमेक पानी की निकासी जारी थी।

ग्वारीघाट में उमाघाट के ऊपर पहुंचा पानी

बरगी बांध के सभी 13 गेट खोले जाने के बाद नर्मदा नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई। जबलपुर के निचले घाटों पर पानी चढ़ने लगा। दोपहर बाद तक ग्वारीघाट में नर्मदा का जलस्तर उमाघाट के ऊपर तक पहुंच गया। नदी के जलस्तर में करीब 10 से 12 फीट तक वृद्धि होने की बात सामने आई है।

पानी की बढ़ती स्थिति को देखते हुए नर्मदा के तटीय और निचले क्षेत्रों में प्रशासन तथा पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। लोगों को नदी और घाटों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी जा रही है।

निचले इलाकों में मुनादी, लोगों को किया जा रहा सतर्क

बांध प्रबंधन ने करीब एक सप्ताह पहले ही पुलिस प्रशासन को पानी छोड़े जाने की संभावित स्थिति की सूचना दे दी थी। इसके बाद निचले क्षेत्रों में मुनादी कराने और घाटों के आसपास लोगों को सतर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। गुरुवार सुबह भी पुलिस ने निचले इलाकों में मुनादी कराकर लोगों से घाटों और नदी के किनारे नहीं जाने तथा सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की।

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