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8 साल से अनुकंपा नियुक्ति की आस में विधवा, TET में असफल हुई तो अब चपरासी की नौकरी की लगाई गुहार



जबलपुर। शासकीय सेवा के दौरान पति की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही एक महिला पिछले कई वर्षों से अनुकंपा नियुक्ति की उम्मीद में सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही है। आर्थिक तंगी से जूझ रही शिववती मरकाम ने अब जिला अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर शिक्षक नहीं तो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर ही नौकरी देने की गुहार लगाई है, ताकि वह अपने दो बच्चों का पालन-पोषण कर सके।

मामला जबलपुर जिले के कुंडम स्थित संकुल केंद्र सकरा से जुड़ा है। शासकीय प्राथमिक शाला मादों में सहायक अध्यापक के पद पर पदस्थ अनूप सिंह मरकाम का 21 जुलाई 2018 को सेवा के दौरान निधन हो गया था। पति की असमय मौत के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनकी पत्नी शिववती मरकाम के कंधों पर आ गई।

TET पास नहीं कर सकीं तो अटक गई नियुक्ति

पति की मृत्यु के बाद शिववती ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। शिक्षक पद पर नियुक्ति के लिए निर्धारित पात्रता पूरी करने के उद्देश्य से उन्होंने शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) भी दी, लेकिन परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर सकीं। इसके बाद शिक्षक पद पर अनुकंपा नियुक्ति का मामला आगे नहीं बढ़ सका।

समय बीतने के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती गई। दो बच्चों की परवरिश और घर का खर्च चलाना उनके लिए मुश्किल होता चला गया। ऐसे में अब उन्होंने प्रशासन से नियमों के दायरे में कोई वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की है।

‘शिक्षक नहीं तो चपरासी ही बना दीजिए’

शिववती ने जिला शिक्षा अधिकारी और जिला अधिकारी को भेजे आवेदन में अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए शिक्षक पद के बजाय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, चपरासी या ऑफिस अटेंडेंट के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग की है।

उनका कहना है कि उन्हें कोई भी ऐसा रोजगार मिल जाए जिससे वह अपने बच्चों का भरण-पोषण सम्मान के साथ कर सकें। वर्षों से चल रही इस प्रक्रिया के बीच अब उनकी उम्मीद प्रशासन के निर्णय पर टिकी है।

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