जबलपुर। खमरिया क्षेत्र में दहेज की मांग के चलते शादी टूटने का मामला सामने आया है। शादी डॉट कॉम के जरिए हुई पहचान के बाद तय हुए रिश्ते में शादी से ठीक एक दिन पहले दूल्हे के पिता ने दहेज में 10 लाख रुपये की मांग कर दी। वधु पक्ष ने इतनी बड़ी रकम देने से इनकार किया तो 19 जून को दुल्हन बनी युवती बारात का इंतजार करती रही, लेकिन दूल्हा और बाराती नहीं पहुंचे।
शादी डॉट कॉम से हुई थी पहचान
पुलिस के अनुसार खमरिया क्षेत्र निवासी युवती निजी कंपनी में सेल्समैन के रूप में काम करती है। वर्ष 2024 में शादी डॉट कॉम के माध्यम से उसकी पहचान भोपाल निवासी सुमित सिंह से हुई थी। दोनों परिवारों की सहमति के बाद रिश्ता तय हुआ और 5 अगस्त 2025 को रसल चौक स्थित समदड़िया होटल में दोनों की सगाई हुई।
युवती की मां के निधन के बाद शादी की तारीख 19 जून 2026 तय की गई। शादी को लेकर दोनों परिवारों में तैयारियां चल रही थीं। 17 जून को युवती के घर मेहंदी, हल्दी समेत अन्य रस्में भी पूरी हुईं।
बारात से एक दिन पहले रखी 10 लाख रुपये की मांग
पुलिस के मुताबिक 18 जून को सुमित के पिता महेंद्र सिंह जबलपुर पहुंचे। उन्होंने वधु पक्ष के परिजनों से बारात के स्वागत और द्वारचार के समय 10 लाख रुपये देने की मांग की। लड़की पक्ष ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताते हुए मांग पूरी करने से इनकार कर दिया।
इसके बाद 19 जून को वधु पक्ष बारात के स्वागत के लिए तैयार बैठा रहा। रात करीब 9 बजे तक बारात नहीं पहुंची तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। दुल्हन ने सुमित की बहन दिव्या से फोन पर बात की। बताया गया कि दिव्या बारात लेकर आने की बात कहती रही, लेकिन देर रात तक बारात नहीं आई।
परिजनों ने सुमित और उसके पिता महेंद्र सिंह को कई बार फोन किया, लेकिन दोनों ने कॉल रिसीव नहीं किया।
भोपाल पहुंचे तो फिर दोहराई दहेज की मांग
अगले दिन 20 जून को लड़की पक्ष के लोग भोपाल पहुंचे। आरोप है कि वहां सुमित के परिजनों ने स्पष्ट रूप से कहा कि 10 लाख रुपये देने पर ही बारात लेकर आएंगे।
मामले में वधु पक्ष की शिकायत पर खमरिया थाना पुलिस ने सुमित सिंह और उसके पिता महेंद्र सिंह के खिलाफ धारा 3 और 4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम तथा धारा 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शादी के ठीक पहले दहेज की मांग के कारण बारात नहीं पहुंचने की इस घटना ने दहेज प्रथा के खिलाफ एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
