जबलपुर। जिला कोर्ट परिसर में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक वकीलों की तरह काला कोर्ट पहनकर घूमता मिला। युवक की गतिविधियों पर शक होने पर अधिवक्ताओं ने उसे पकड़कर पूछताछ की। युवक की पहचान सचिन ताम्रकार के रूप में हुई है। बाद में उसे ओमती पुलिस के हवाले कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि युवक सफेद शर्ट और काली पेंट पहनकर कोर्ट परिसर में घूम रहा था। अधिवक्ताओं को उसकी पहचान और गतिविधियों पर संदेह हुआ, जिसके बाद उससे कड़ाई से पूछताछ की गई। जांच के दौरान उसके पास हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का एक कार्ड मिला। कार्ड पर दर्ज नंबर का रिकॉर्ड नहीं मिलने के बाद अधिवक्ताओं को उसके फर्जी होने का संदेह हुआ।
मामले की जानकारी मिलने पर जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे और युवक से पूछताछ की। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसकी पत्नी कल्पना ताम्रकार वकील है। हालांकि, वह खुद किस हैसियत से वकील के रूप में कोर्ट परिसर में घूम रहा था और अधिवक्ता की तरह काम कर रहा था, इसका वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
घर के बाहर लगा रखा था एडवोकेट का बोर्ड
शुरुआती जांच में यह बात भी सामने आई है कि युवक ने अपने घर के बाहर 'एडवोकेट' का बोर्ड लगा रखा है। बोर्ड पर उसके नाम के साथ मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर लिखा हुआ है। इससे मामला और गंभीर हो गया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक ने कथित तौर पर फर्जी पहचान पत्र कहां से बनवाया और वह कितने समय से खुद को अधिवक्ता के रूप में पेश कर रहा था।
पुलिस कर रही मामले की जांच
अधिवक्ताओं ने संदिग्ध युवक को ओमती पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही युवक के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
इस घटना ने कोर्ट परिसर में फर्जी वकीलों और गलत पहचान के साथ घूमने वाले लोगों की मौजूदगी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिवक्ता संघ ने भी पक्षकारों से अपील की है कि किसी व्यक्ति को अपना वकील मानने से पहले उसकी अधिवक्ता पहचान और बार से जुड़े दस्तावेजों की पुष्टि जरूर करें।
