जबलपुर। बारिश के मौसम के साथ ही जिले में मौसमी और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बदलते मौसम के कारण वायरल फीवर, गले में खराश, खांसी और आंखों के संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने बारिश के मौसम को देखते हुए डेंगू, मलेरिया, डायरिया, खसरा और सर्पदंश जैसी बीमारियों से निपटने के लिए अस्पतालों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
रोजाना 600 मरीजों की ओपीडी
जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 600 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें करीब 250 से 300 मरीज मौसमी बीमारियों, सर्दी-जुकाम और बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं।
मरीजों में तेज बुखार, गले में खराश, लगातार खांसी, कमजोरी और आंखों में लालिमा व जलन जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। बदलते मौसम के कारण बच्चों और बुजुर्गों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
आंखों के संक्रमण के मरीज भी बढ़े
बारिश और उमस के बीच आंखों में संक्रमण यानी कंजेक्टिवाइटिस और आई फ्लू के मामले भी सामने आ रहे हैं। आंखों में लालिमा, जलन, पानी आना और सूजन जैसी शिकायतों के साथ मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने, संक्रमित व्यक्ति के तौलिये या रुमाल का इस्तेमाल नहीं करने और आंखों को बार-बार छूने से बचने की सलाह दी है।
डेंगू-मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क
बारिश के कारण जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए निगरानी बढ़ाई है। हालांकि, फिलहाल डेंगू और मलेरिया के किसी बड़े या नए गंभीर प्रकोप की जानकारी सामने नहीं आई है।
मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने व्यवस्थाओं की समीक्षा की है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार फिलहाल पर्याप्त बेड और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज बुखार, लगातार खांसी, दस्त, शरीर पर दाने या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लें।
