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कटंगी अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिला, सर्पदंश से 2 साल के मासूम की मौत

 


जबलपुर। कटंगी स्थित शासकीय अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। सांप के डसने के बाद अस्पताल पहुंचे 2 वर्षीय मासूम की समय पर उपचार नहीं मिलने से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में उस समय कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था और मौके पर तैनात एकमात्र नर्स प्रसव कराने में व्यस्त थी।

जानकारी के अनुसार, 26 अगस्त को सांप के डसने के बाद परिजन बच्चे को तत्काल कटंगी के शासकीय अस्पताल लेकर पहुंचे। बच्चे की हालत गंभीर थी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बावजूद उसे समय पर प्राथमिक उपचार और एंटी-स्नेक वेनम नहीं दिया गया। डॉक्टर की अनुपस्थिति में बच्चे को गंभीर हालत में जबलपुर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया।

बताया गया कि मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में ही बच्चे की मौत हो गई। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. आदर्श बिश्नोई के अनुसार, अस्पताल में एंटी-स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध था, लेकिन डॉक्टर की गैरमौजूदगी के कारण बच्चे को समय पर उपचार नहीं मिल सका।

घटना के बाद कटंगी क्षेत्र में आक्रोश है। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल पहुंचते ही बच्चे को प्राथमिक उपचार और एंटी-स्नेक वेनम दिया जाता, तो संभवत: उसकी जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, बच्चे की मौत का वास्तविक कारण और उपचार में हुई कथित लापरवाही की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कटंगी का शासकीय अस्पताल आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के बजाय महज रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

मानसून के दौरान सर्पदंश की घटनाएं बढ़ने के मद्देनजर स्थानीय लोगों ने अस्पतालों में 24 घंटे डॉक्टर और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आपातकालीन ड्यूटी रोस्टर का सख्ती से पालन कराने की मांग की है।


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