शहडोल। क्या आपने कभी सुना है कि किसी घर की पक्की छत के बीचों-बीच बिजली का खंभा लगा हो और उसी खंभे के ऊपर से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन गुजर रही हो? शहडोल जिले के पपौंध क्षेत्र की ग्राम पंचायत सकंदी के साकेत मोहल्ले में बिजली कंपनी की ऐसी ही लापरवाही सामने आई है। यहां एक ग्रामीण के घर की छत पर बिजली का खंभा खड़ा कर दिया गया है, जिसके ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। इससे ग्रामीणों के बीच हर समय हादसे का डर बना हुआ है।
छत के बीचों-बीच खड़ा कर दिया बिजली का पोल
ग्रामीणों के मुताबिक, बिजली कंपनी के कर्मचारियों ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए घर की पक्की छत के बीचों-बीच बिजली का खंभा लगा दिया। इस पोल से 11 हजार वोल्ट की लाइन गुजर रही है। हाईटेंशन तार घरों के बेहद करीब होने के कारण मोहल्ले में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जिस मकान की छत पर यह पोल लगाया गया है, उसके रहवासी का कहना है कि छत पर कदम रखते ही हाईटेंशन तारों के कारण करंट लगने का डर सताता रहता है। ग्रामीणों का दावा है कि पूर्व में भी कई लोग हाई वोल्टेज तारों की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस चुके हैं। ऐसे में किसी बड़े हादसे की आशंका से लोग अपने ही घरों में खौफ के साये में रहने को मजबूर हैं।
कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर बिजली कंपनी के अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है। ग्रामीण बिजली कंपनी के दफ्तर के चक्कर लगाने के साथ अधिकारियों को ज्ञापन भी दे चुके हैं, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
स्थानीय लोगों ने बिजली कंपनी और जिला प्रशासन से मांग की है कि मौके का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। साथ ही हाईटेंशन लाइन की ऊंचाई और मकानों से उसकी दूरी की जांच कर लाइन को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक घर या बिजली लाइन से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि पूरे मोहल्ले में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा का सवाल है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन
मामले को लेकर बिजली कंपनी के ईई डीके गुप्ता ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा, "इस प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मामले की जांच करवाएंगे। लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।"
