बालाघाट। कोरोना संक्रमित परिजन का शव मांगना एक युवक को महंगा पड़ गया। मामला जिले के लांजी क्षेत्र का है जहां नगर परिषद के सीएमओ ने आपा खोते हुए अपशब्दों के साथ युवक को मारकर भगाया। खास बात यह रही कि मौके पर पुलिस खड़ी रही लेकिन किसी ने भी उसे बचाने का प्रयास नहीं किया।
लांजी क्षेत्र में एक युवक के परिजन की कोरोना संक्रमण के चलते मौत हो गई। वह चाहता था कि अंतिम संस्कार के लिए शव दे दिया जाए। अफसरों ने कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर ली। ऐसे में युवक ने नाराजगी व्यक्त की। वह बार-बार शव की मांग कर रहा था, ताकि अंतिम संस्कार कर सके, लेकिन प्रशासन कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार शव परिवार को न देकर उसका अंतिम संस्कार कराने की तैयारी में था। इसी बात को लेकर सीएमओ देवेंद्र कुमार मर्सकोले का युवक से विवाद हो गया। सीएमओ द्वारा युवक को संवदेनाएं देने के बजाय थप्पड़ जड़ दिए। विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर हो रहा है।
ऐसा नहीं करना था, लेकिन युवक गलत था
इस संबंध में सीएमओ देवेंद्र कुमार ने कहा कि कोरोना से एक मरीज की बीती रात मौत हो गई थी। मृतक के बेटे को कोविड प्रोटोकॉल के बारे में बताकर शव नहीं दिए जाने के बारे में आश्वस्त कर लिया गया था। लेकिन बेटे के साथ आए उसके दो रिश्तेदारों ने शराब पीकर बदसलूकी की और गालीगलौज की। बार-बार समझाने के बाद भी वो गालीगलौज करते रहा। इस दौरान मैंने आपा खो दिया और विवाद बढ़ गया। मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था, लेकिन वो युवक गलत था।
संयम नहीं रख सके सीएमओ
लांजी एसडीएम रविंद्र परमार ने कहा कि विवाद करने वाले युवक के संबंधी की कोरोना से मौत हो गई थी। वह शव मांग रहा था, लेकिन प्रशासन कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार शव परिवार को न देकर उसका अंतिम संस्कार करवाने की तैयारी में था। युवक द्वारा रात में भी शराब पीकर अस्पताल में विवाद किया गया था। आज भी वह अधिकारी को गालीगलौज कर रहा था। इस पर नगर पालिका सीएमओ संयम नहीं रख पाए और मारपीट कर दी, जो गलत है। ऐसा नहीं होना चाहिए था।
