जबलपुर। मप्र के स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टर व चिकित्सा प्रमुखों केा पत्र लिखकर सलाह दी है कि ऐसे लोग जो कोविड संक्रमित हो चुके हैं उन्हें तत्काल टीका न लगाया जाए। मप्र शासन के स्वास्थ्य आयुक्त आकाश त्रिपाठी द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार शासन के संज्ञान में यह बात आई है कि कोविड-19 के उत्तरजीवियों एवं जिलों के स्वास्थ अमलों के मन में यह संशय बना हुआ है कि कोविड-19 पुष्ट रोगियों की रिकवरी के उपरांत टीकाकरण कब कराया जाना उचित है। पत्र में आगे कहा गया कि यह साक्ष्य के आधार पर यह तो सुनिश्चित है कि कोविड-19 संक्रमण होेने बाद रोगियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए टीकाकरण की आवश्यकता है।
उन्होंने लिखा है कि वर्तमान में इस बात का प्रमाणीकरण नहीं हो पा रहा है कि वर्तमान में संक्रमण के उपरांत रोग प्रतिरोधक क्षमता के विकास की जानकारी एवं सुरक्षा अवधि प्रमाणित नहीं हो पा रही है। ऐसी स्थिति में कोविड संक्रमण से स्वस्थ हो चुके रोगियों का टीकाकरण रोग के लक्षणों की समाप्ति अर्थात रिकवरी के एक से दो माह के अंतर से किया जा सकता है। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वर्तमान में ऐसे लोगों का टीकाकरण स्थगित रखा जाए जो कोविड संक्रमित या फिर संदिग्ध हैं।

