भोपाल। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बीच एक बार फिर मानसूनी सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 11 अगस्त के अपडेट के मुताबिक, प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बारिश का दौर जारी है और आने वाले दिनों में कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
12 अगस्त से फिर सक्रिय होगा बारिश का सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार, 12 अगस्त के आसपास नए मौसम तंत्र के प्रभाव से मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। अगले कुछ दिनों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश और कहीं-कहीं भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। भोपाल, सीहोर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, मंडला और शाजापुर सहित कई इलाकों में मौसम पर विशेष नजर रहेगी।
नदियां और जलाशय उफान पर
लगातार बारिश के चलते प्रदेश की प्रमुख नदियों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ गई है। नर्मदापुरम में नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जबकि तवा सहित कई बांधों में भी जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुछ जलाशयों में पानी की आवक बढ़ने के बाद सुरक्षा के लिहाज से गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है।
भोपाल के बड़े तालाब के जलस्तर में भी बारिश के कारण तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
राजगढ़ में हादसा, 9 लोगों की मौत
हालिया भारी बारिश ने प्रदेश के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित किया है। राजगढ़ जिले के ब्यावरा क्षेत्र में तेज बारिश के बीच एक वैन के नाले के तेज बहाव में बह जाने से 9 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं विदिशा सहित अन्य जिलों में बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला गया।
भोपाल में भी भारी बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। लगातार बारिश से सड़कों, पुल-पुलियों और नदी-नालों के जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
बारिश से झरनों ने बदला रूप
भारी बारिश का असर सिर्फ जनजीवन पर ही नहीं, बल्कि प्रदेश की प्राकृतिक खूबसूरती पर भी दिखाई दे रहा है। उमरिया जिले के झोझा फॉल में पानी की तेज धार ने झरने को नया स्वरूप दे दिया है। करीब 50 फीट की ऊंचाई से गिरता पानी बारिश के मौसम में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए नदी-नालों और जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान पुल-पुलियों पर पानी होने की स्थिति में आवागमन से बचना और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करना जरूरी है।
