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CBI अधिकारी बनकर बुजुर्ग दंपती से ठगे 22 लाख


जबलपुर। सिविल लाइन क्षेत्र में साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर 75 वर्षीय बुजुर्ग और उनकी पत्नी को करीब 12 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराए रखा। आरोपियों ने दंपती को मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग्स कारोबार में फंसाने तथा गिरफ्तारी की धमकी देकर उनकी एफडी तुड़वाई और करीब 22 लाख रुपए अपने बताए बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए।

डिफेंस कॉलोनी निवासी प्रकाश पाल शेजवाल प्राइवेट कंपनी से सेवानिवृत्त हैं। 22 जुलाई को उनके मोबाइल पर वॉट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को CBI अधिकारी बताते हुए प्रकाश और उनके परिवार पर मनी लॉन्ड्रिंग व ड्रग्स कारोबार से जुड़े होने का आरोप लगाया। इसके बाद अलग-अलग नंबरों से लगातार कॉल कर उन्हें गिरफ्तारी का भय दिखाया गया।

CBI के नाम से भेजा फर्जी नोटिस

ठगों ने दंपती को CBI के नाम और लोगो वाला फर्जी नोटिस भी वॉट्सऐप पर भेजा। इससे उन्हें लगा कि वास्तव में उनके खिलाफ सरकारी जांच चल रही है। 23 जुलाई से आरोपियों ने उन्हें घर से बाहर निकलने और परिजनों व रिश्तेदारों से संपर्क करने से रोक दिया। ठग दावा करते थे कि उनकी हर गतिविधि कैमरे से रिकॉर्ड हो रही है। वीडियो कॉल के जरिए निगरानी और हर दो घंटे में पूछताछ किए जाने से दंपती लगातार भयभीत रहे।

एफडी तुड़वाकर खाते में कराया 22 लाख ट्रांसफर

आरोपियों ने दंपती से कहा कि उनकी एफडी में जमा रकम एक व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर करनी होगी। ठगों का दावा था कि उक्त व्यक्ति का संबंध अपराध से है और उसकी गिरफ्तारी के लिए यह रकम ट्रांसफर करना जरूरी है। उन्होंने रकम ट्रांसफर होने के बाद रिसीव लेटर देने और जांच पूरी होने पर पैसा वापस करने का झांसा दिया।

आरोपियों के दबाव में प्रकाश 2 अगस्त को बैंक पहुंचे और एफडी की करीब 22 लाख रुपए की राशि उनके बताए खाते में ट्रांसफर कर दी।

CBI और RBI के नाम से बनाए फर्जी दस्तावेज

विश्वास कायम करने के लिए साइबर ठगों ने CBI और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नाम से फर्जी दस्तावेज भी भेजे। इनमें जितेंद्र सिंह राणा के नाम और ICICI बैंक खाते का उल्लेख था। पुलिस के मुताबिक दस्तावेज फर्जी हैं। रकम ट्रांसफर होने के बाद भी आरोपियों ने दंपती से संपर्क बनाए रखा और डराकर वॉट्सऐप कॉल से जुड़े नंबर तथा रिकॉर्ड तक डिलीट करवा दिए।

अधिवक्ता को बताई घटना, पुलिस ने दर्ज किया केस

लगातार धमकियों के कारण दंपती इतने भयभीत थे कि उन्होंने कई दिनों तक किसी परिचित को घटना की जानकारी नहीं दी। 11 अगस्त की रात प्रकाश अपने परिचित अधिवक्ता अन्वेष वर्मा के पास पहुंचे और पूरी घटना बताई। इसके बाद सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।

CSP सोनू कुर्मी के अनुसार मामले में अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि CBI, पुलिस, RBI या किसी अन्य सरकारी अधिकारी के नाम पर फोन कर पैसे मांगे जाएं तो किसी भी स्थिति में रकम ट्रांसफर न करें। संदिग्ध कॉल आने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
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